आंदोलन राजनीति

छत्तीसगढ़ में पहली बार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दो उम्मीदवारों को मिली जीत, पार्टी ने कहा जनसंघर्षों को समर्पित है जीत

MCP election 2019 chhattisgarh korba

प्रदेश में पहली बार माकपा ने नगर निकाय में जीत हासिल की है और प्रवेशद्वार बना है कोरबा नगर निगम, जहां माकपा के दोनों प्रत्याशी कांग्रेस-भाजपा के दिग्गजों को भारी मतों से हराकर पार्षद का चुनाव जीत गए हैं। माकपा ने पार्टी को मिली इस जीत के लिए जनता और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया है और इस जीत को स्थानीय समस्याओं पर चलाये गए जनसंघर्षों को समर्पित करते हुए वादा किया है कि वह कांग्रेस-भाजपा की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ जनहितैषी राजनैतिक विकल्प को प्रस्तुत करेगी।

माकपा राज्य सचिवमंडल द्वारा जारी एक बयान में जानकारी दी गई है कि पार्टी ने कोरबा नगर निगम में भैरोताल वार्ड से सुरती कुलदीप व मोंगरा वार्ड से राजकुमारी कंवर को अपना प्रत्याशी बनाया था। दोनों महिला सुरक्षित वार्डों से माकपा प्रत्याशियों ने निगम में अपना लाल झंडा फहरा दिया है। सुरती कुलदीप ने 1161 वोट हासिल कर अपने निकटतम भाजपा प्रत्याशी को 444 मतों से पराजित किया है। यहां माकपा ने लगातार तीन बार पार्षद रहे कांग्रेस प्रत्याशी को तीसरे स्थान पर धकेल दिया, तो मोंगरा वार्ड से राजकुमारी कंवर ने 1055 वोट पाकर निकटतम कांग्रेस प्रत्याशी को 299  मतों से पराजित किया है।

माकपा राज्य सचिव संजय पराते और जिला सचिव प्रशांत झा, राज्य समिति सदस्य धनबाई कुलदीप, एस एन बेनर्जी और सपूरण कुलदीप ने इसे सड़क, बिजली, पानी, रेल, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित विस्थापितों, अनाप-शनाप ढंग से संपत्ति कर की वसूली और वनाधिकार जैसी जनसमस्याओं पर पार्टी द्वारा पिछले दस वर्षों से चलाए जा रहे अनवरत जनसंघर्षों का सकारात्मक परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि लोगों का दिल जीतकर ही माकपा चुनावी मैदान जीतने के लिए उतरी थी और माकपा द्वारा छेड़ी गई न्याय की लड़ाई राजनैतिक संबद्धताओं से ऊपर उठकर हर घर की लड़ाई में तब्दील हो गई थी। यही कारण है कि माकपा के जनबल के आगे इस बार कांग्रेस-भाजपा का धनबल और बाहुबल काम नहीं कर पाया और आम जनता ने निर्णायक रूप से सत्ता के लालच को ठुकराते हुए जनसंघर्षों की राजनीति के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है।

जनता से मिले इस अभूतपूर्व समर्थन को सिर-माथे रखते हुए माकपा ने वादा किया है कि उसके दोनों जनप्रतिनिधि नगर निगम में कांग्रेस-भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रतिरोधी दीवार का काम करेंगे और हर मुद्दे पर जनता को विश्वास में लेकर जन समस्याओं के निराकरण के लिए मिल-जुलकर पहलकदमी करेंगे। माकपा ने कहा है कि कोरबा नगर निगम में मिली इस जीत की नींव पर वह जनसंघर्षों को विकसित कर कांग्रेस-भाजपा की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ जिले में जनहितैषी राजनैतिक-सांगठनिक विकल्प का विकास करेगी।

Related posts

ऑस्ट्रेलिया : तानाशाही के ख़िलाफ़ सभी अखबारों ने आज पहला पन्ना काला छपा है

Anuj Shrivastava

बस्तर हो जाता है ….कविता ,अनुज श्रीवास्तव

News Desk

जनमुक्ति मोर्चा के किसान ने डोंडीलोहारा में किया प्रदर्शन और सौंपा ज्ञापन तहसीलदार को.

News Desk