राजनीति

छतीसगढ ःः तो ऐसे जीतना चाहती है भाजपा ःः   30 सीटों पर गड़बड़ी की आशंका.

29.11.2018

रायपुर / छत्तीसगढ़ में जनता का भरोसा खो चुकी भाजपा ईवीएम के भरोसे तो हैं ही, लेकिन अब उसकी पूरी कोशिश बसपा, निर्दलीय और जोगी कांग्रेस के प्रत्याशियों पर जाकर टिक गई है।

भाजपा मानकर चल रही है कि 90 में से 18 सीटें ऐसी हैं जिससे जीत- हार का फैसला होगा। इन सीटों पर भाजपा के लिए काम करने वाले अफसर सक्रिय हो गए हैं। एक मजबूत प्रत्याशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के एक दमदार अफसर ने उसे परिणाम के पहले ही जीत की बधाई दी है। वैसे प्रदेश के सबसे बड़े नेता ने जैजेपुर से चुनाव लड़ रहे बसपा प्रत्याशी केशव चंद्रा को ठीक उसी दिन बधाई दे दी थीं जिस रोज मतदान हुआ था। खबर यह भी है कि भाजपा के किसी बड़े नेता कहा है- अगर भाजपा को 40 सीट भी मिल गई तो हम सरकार बना लेंगे। इधर की जगह स्ट्रांग रूम में गड़बड़ियों की खबरों के सामने आने के बाद जनता भाजपाइयों के नाम को लेकर थू-थू कर रही है। लोगों का यह भी कहना है कि जनमत भाजपा के खिलाफ हैं, लेकिन अगर ऐन-केन-प्रकारेण भाजपा ने उसे अपने पक्ष में करने की कवायद की तो जनविद्रोह हो सकता है।

30 सीटों पर गड़बड़ी की आशंका

छत्तीसगढ़ में चुनाव के संपन्न हो जाने के बाद चारों ओर से कांग्रेस की सरकार बनने की खबर चल रही है, लेकिन भाजपा का स्थानीय और शीर्ष नेतृत्व इस बात को लेकर आश्वस्त हैं चाहे जैसे भी हो छत्तीसगढ़ में वे भगवा सरकार बनाने में सफल हो जाएंगे। सरकार बनाने के लिए भाजपा के लिए काम करने वाले प्रतिबद्ध अफसर एड़ी- चोटी का जोर भी लगा रहे हैं।

बहरहाल हम यहां उन 30 सीटों का नाम दे रहे हैं जहां मतगणना के दिन खूब तमाशा होने वाला है। अगर कांग्रेस के लोगों ने यहां अपनी ताकत नहीं झोंकी तो समझिए भाजपा गुणा- भाग में सफल हो जाएगी। वैसे यह बताना लाजमी होगा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा ने कभी भी जनमत से सरकार नहीं बनाई। वर्ष 2003 में भाजपा के सबसे बड़े मददगार वीसी शुक्ल साबित हुए थे। उनका एक विधायक चुनाव जीत पाया था जबकि अन्य सीटों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानि एनसीपी ने केवल वोट काटा था। वर्ष 2008 और 2013 के चुनाव में भाजपा को कांग्रेस के किस बड़े नेता से मदद मिलती रही हैं यह बताने की जरूरत नहीं है।

भाजपा के अफसरों ने जिन सीटों पर ही अपना ध्यान खास तौर पर केन्द्रित कर रखा है वह यह है-

खैरागढ़, खुज्जी, भानुप्रतापपुर, अंतागढ, नारायणपुर, कोन्टा, बीजापुर, धमतरी, नगरी- सिहावा, कुरूद, भाटापारा, बिलाईगढ़, पामगढ़, जैजेपुर, जांजगीर-चांपा, भरतपुर- सोनहत, अकलतरा, धरमजयगढ़, लैलूंगा, कुनकुरी, बिलासपुर, कोटा, मरवाही, बिल्हा, बेलतरा, लोरमी, पंडरिया, बेमेतरा, भिलाई नगर और वैशाली नगर

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