आदिवासी कला साहित्य एवं संस्कृति

चेंदरू की कहानी ने जीता था दुनिया का दिल , अब 60 साल बाद फिर अबूझमाड़ पर फ़िल्म.

जगदलपुर . पत्रिका


पचास को दशक खत्म हो रहा था , तब स्वीडिश ऑस्कर नॉमिनेटेड डायरेक्टर अर्ने सक्फोर्ड अबुझमाड़ के जल के दौरे पर थे । उन्होंने वहां एक 10 साल के बच्चे को बाध से खेलते देखा । उन्हें यह दुर्लभ दृश्य भा गया और वे वापस स्वीडन चले । फिर कुछ महीने बाद पूरे तामझाम के साथ लौटे और बाध के साथ खेलते उस बच्चे पर जंगल सागा नाम की फिल्म बना दी । उस दस साल के बच्चे का नाम था. । यह अशा पर बनी पहली फिल्म थी और चंद भारत से हॉलीवुड में पहला हीरो था ।

चेंदरू अपने अंतिम समय

इसके बाद अबूझमाड़ पर कई डॉक्यूमेंट्री बनी पर फिल्म किसी ने नहीं बनाई । अब जंगल सागा के 60 साल बाद अबूझमाड़ में रहने वाली जनजाति की जीवनशैली पर फिल्म बनकर तैयार है । फिल्म का नाम है बस्तर सागा और इसे बनाया है नारायणपुर के ही दिनेश नाग और उनके दोस्तों ने । दिनेश कई सालों से मुंबई में रहकर बॉलीवुड में काम कर
रहे हैं । उन्होंने इस विषय को अपने दोस्तों से साझा किया और सभी ने आपस में पैसे इकट्ठ कर फिल्म का प्रोडक्शन कर दिया ।


रायपुर के राज बंजारे ने लिखी फिल्म की कहानी एफीटीआई से पास आउट और रायपुर के निवासी राज बंजारे ने फिल्म के लिए कहानी लिखी है । करीब तीन महीने की शूट के बाद पित्म तैयार हो गई । गोवा पिज्म । फेस्टिवल में फिल्म को दुनिया की । 200 वर्किंग कैटेगरी की फिल्मों में शामिल किया गया । आगे भी फिल्म् । को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ले जाने की तैयारी है ।

नया रायपुर के जंगल सफारी में लंगी चेंदरू प्रतिमा पर मुसीबत में सरकार ने नही की मदद

नया रायपुर के जंगल सफारी | चेंदरु की याद में एक प्रतिमा लगाई गई है । इसमें उसे बाघ के । साथ खेलता दिखाया गया । साहसी । चेंदरु के नाम पर उस दौर में लाखों की कमाई की गई , लेकिन विडंबना है कि जब चेंदरु की मौत 2013 में हुई । तो वह गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था । तंगहाली के उस दौर में । उसके पास इलाज कराने के लिए भी पैसे नहीं थे । उस वक्त मीडिया ने उसके हालात पर बहुत खबर बनाई पर उसे सरकार से वैसी मदद नहीं मिली , जैसे एक कलाकार को मिलनी चाहिए थी । कई समाज सेवी संस्थाओं ने उसके बुरे वक्त में मदद जरूर की थी , पर वह भी नाकाफी थी । अब चेंदरु इस दुनिया से जा चुका है लेकिन आज भी वह देश में इंडिया से पहला हॉलीवुड एक्टर कहलाता है ।

रायपुर के राज बंजारे ने लिखी फिल्म की कहानी

एफीटीआई से पास आउट और रायपुर के निवासी राज बंजारे ने फिल्म के लिए कहानी लिखी है । करीब तीन महीने की शूट के बाद फिल्म तैयार हो गई । गोवा पिल्म । फेस्टिवल में फिल्म को दुनिया की 200 वर्किंग कैटेगरी की फिल्मों में शामिल किया गया । आगे भी फिल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ले जाने की तैयारी है ।

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