आंदोलन राजकीय हिंसा

गोंड़ेरास में दुसरे दिन भी जमे रहे 18 ग्राम के आदिवासी ,सचिव और सरपंच को बुलाया सभा में कहा प्रताड़ना और फर्जी मुठभेड़ों की भी चर्चा करो विकास के साथ.

दंतेवाड़ा / 17.05.2019

पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ दंतेवाडा में कल हुई सभा और रैली के बाद दूसरे दिन सभी लोग वही जमे रहे और ग्राम सरपंच तथा सचिव को कल उपस्थिति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त कघ और उन्होंने से कहा की जब तक आप लोग यह आश्वाशन नहीं देते की आगामी ग्राम सभा में पुलिस प्रताड़ना तथा अन्य जरुरी मुद्दे नहीं उठाते तब तक हम आप लोगों को यहाँ से जाने नहीं देंगे .सभी गाँव के सरपंच और सचिव सभा में उपस्थित हुए . ग्रामीणों ने यहां उनपर नाराजगी जताते हुए कहा कि ग्रामसभा की ताकत के बारे में उन्होंने क्यों जानकारी नहीं दी । इस पर वे निशब्द हो गए । इसके बाद ग्रामीणों ने कहा कि अब सरकार के एजेंडे पर नहीं बल्कि हमारे एजेंडे पर यहां ग्रामसभा होनी चाहिए । । बुधवार के बाद गुरुवार को भी यहां अपनी मांगों और समस्याओं को सामने रखी और 15 दिन के अंदर होने वाले ग्रामसभा में प्रस्ताव में इसे नोट करवाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे । पहले तो ग्रामीणों ने गांव के सरपंच और सचिवों से बात की और अपने सवाल किए । इसके बाद एक बार फिर समस्याओं और मांगो पर चर्चा शुरु हो गई । गांव वालों ने सड़क , बिजली , पानी , स्कूल , छात्रावास समेत कई विकास के क्षेत्र में अपनी मांगे रखीं । वहीं पुलिस अत्याचार , फर्जी मुठभेड़ों जैसे मामले पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव में इस विषय को शामिल करने पर सहमति बनी .

सरपंचो ने यह भी कहा की जब भी ग्राम सभा होती है तब कलेक्टर से एजेंडा तय हो कर आ जाता है और कहा जाता था की आप यही मुद्दे ग्राम सभा में उठा सकते हैं. इसलिए हम कोई और बात नही कर सकते थे.

तब ग्रामीणों ने कहा की आज के बाद  विकास के साथ साथ पुलिस प्रताड़ना के मुद्दे भी ग्राम सभा में रखे जाएँ तब ही वह ग्राम सभा हो सकेगी. सचिवो को आगामी 15 दिन में दुबारा ग्राम सभा बुलाने के लिए कहा .जिसे सचिवो ने मान लिया .ग्रामीणों ने तय किया की वे ग्राम सभा को बुलाने के लिए विधिवत क़ानूनी कार्यवाही करेंगे और दो दिन में  ब्लोक ,जिला पंचायत के सी ई ओ तथा कलेक्टर से मिल कर ग्राम सभा बुलाने की मांग करेंगे .यदि उसके बाद भी ग्राम सभा नहीं बुलाई गई तो क़ानूनी तरीके से एक तिहाई मतदाताओ के हस्ताक्षर और सहमती से ग्राम सभा आमंत्रित की जाएगी. आगे से पांचवी अनुसूची में पेसा कानून के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हए गाँव का प्रशाशन सहमती से चलाया जायेगा .

15 दिन के अंदर होगी ग्रामसभा , सिर्फ पुलिस अत्याचार नहीं विकास के लिए भी प्रस्ताव

इस मामले में सोनी सोढ़ी ने कहा कि ग्रामसभा की सभी तकनीकी चीजें पूरी की जा रही है । वहीं ग्रामीणों में भी तेजी से जागरूकता आ रही हैं और अपने अधिकार के बारे में वे जान रहे हैं । उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर जो गोंडेरास ग्रामसभा हो रही है । इसमें सिर्फ पुलिस अत्याचार नहीं अल्कि गांव के लिए विकास को देखते हुए ग्रामीणों की मागे और समस्याओं को स्थान भी दिया जा रहा है । इस प्रस्ताव को पारित करने के बाद सरकार से । जिला प्रशासन से बात की जाएगी ।


Related posts

राजसमन्द की घटना के विरोध में 16 दिसंबर को आयोजित शांति प्रदर्शन का हिस्सा बनें। : भोपाल के सभी अमन पसंद लोगों, संगठनों और आंदोलनों का साझा आयोजन.

News Desk

Supreme Court orders to constitute a Special Investigation Team (SIT) on “Edesmetta massacre 2013” HRLN

News Desk

छत्त्तीसगढ ःः  जनसंगठनों के नेतृत्व में  कोरबा में भू-विस्थापितों की पदयात्रा : कारवां बढ़ता गया, लोग जुड़ते गए, हजारों ने दी कलेक्टोरेट पर दस्तक।

News Desk