नीतियां वंचित समूह

गुरू घासीदास सेवादार संघ द्वारा संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा और उसकी स्थापना के राज्य व्यापी संकल्प पखवाड़ा. (पंन्द्रहवीं )

बिलासपुर .

गुरू घासीदास सेवादार संघ जीएस एस द्वारा 8 से 22 मई तक छत्तीसगढ़ के गांव,मुहल्लों ,बस्तियों,में छोटी-बड़ी जन जुड़ाव कर gss मुद्दा संकल्प पत्र भरने का अभियान चलाया जाने की घोषणा की हैं.

Gss संकल्प पत्र के मुख्य बिंदु निम्न हैं.

1) देश में सबसे बड़ा खतरा -जनवादी भारतीय संविधान को हटाकर मनुस्मृति के संविधान को लागू करने के लिए किये जा रहें षडयंत्र का खतरा।जब जनवादी संविधान रहेगा ,तभी संविधान प्रदत्त हक /अधिकार के लिए संघर्ष करने का हमारा मौलिक अधिकार रहेगा।इस खतरे से जन जागरुकता चलाने के लिए.

2) जाति-सम्प्रदाय व अंध राष्ट्रवाद का उन्माद फैलाकर लोक समाज का असली मुद्दा रोटी व सम्मान को छिनने -दमन करने मनुवादी फासिस्ट षडयंत्र को नाकाम करने और सुनिश्चित रोजगार -सम्मान व प्राथमिक आवश्यकतानुरूप विकास गढ़ने वाला राज्य /समाज बनाने के लिए .

3 ) संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता अन्तर्गत प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म- आस्था- विश्वासनुरूप ( चाहे व आस्तिक हो या नास्तिक या कुछ और) खानपान ,रहन-सहन ,संस्कार आदि को मान्य करने की विधिक संरक्षण एवं इसे अमान्य व दमन करने वाले मनुवादी फासिस्टों ,जो आर्य-वैदिक धर्म को सर्वश्रेष्ठ एवं अन्य को दोयम दर्जे का नागरिक ,गुलाम -चाकर बनाने -डराने एवं विभिन्न धार्मिक -सांस्कृतिक -वैचारिक अस्मिताओं को आपस में विवाद -झगड़ा ,दंगा कराकर रोटी व सम्मान के प्रश्न को पीछे धकेलने ( क्योंकि रोटी व सम्मान के प्रश्न पर इनके लूट का पर्दाफाश होता है) वालों के खिलाफ जनसंघर्ष तेज करने के लिये .

4) सतनाम व गोंडी/ आदिम धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व को जबरन नकारकर ऊंचनीच जातिवादी धर्म की जाती बनाने के विरोध में एवं सतनाम धर्म को विधिक मान्यता सहित मनुवादी कथित गुरुओं -महंतो- मुखियाओं ,सरकारी मशीनरी के कब्जे से सतनाम धर्म स्थलों को मुक्त कर वहां पनपाये जा रहें अंधभक्ति -पाखंड के भंवरजाल को खत्म कर रोजगार जनित वैज्ञानिक शिक्षा – संस्कार एवं स्थलों -साधनों से प्राप्त आवक राशि को रोजगार व निर्बलों को सहायता देने आदि कार्यों को संपादित /प्रतिष्ठित करने लोकतांत्रिक पद्धति से आम बालिग़ मताधिकार से निर्वाचित प्रबंधन संस्थान को सौंपने ‘ सतनाम धर्म स्थल प्रबंधन कानून ‘ ( ई. 1920- 25 ) में सरकार द्वारा निर्मित ‘ शिरोमणि सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कानून’ के सदृश्य ) छ. ग. विधानसभा / भारतीय संसद में बनवाने के लिए .

5) प्रभुसत्ताधारियों द्वारा लोक समाज को आसानी से अंधभक्त -गुलाम ,शोषित-दलित बनाये रखने के इतिहास को मिथक और मिथक को इतिहास बनाकर चालाकी पूर्ण अंधाधुंध प्रचारित /प्रतिष्ठित करने के खिलाफ संघर्ष करने के लिए .

7) राष्ट्र नीति को धर्म निरपेक्ष बनाए रखने के लिए .

6)जनवादी मुद्दों पर आवाज उठाने वाले बुद्धजीवियों ,पत्रकारों,वकीलों,सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हमला व दमन करने के खिलाफ़ प्रतिरोध संगठित करने के लिए .

8) स्थानीयता से लेकर अंतरास्ट्रीय स्तर पर जाति -धर्म ,लिंग, नस्ल,राष्ट्रीयता के भेदभाव बिना सभी शोषित-पीड़ित लोक समाज के बीच जनवादी साझी समझ-एकता को मजबूत बनाने के लिए।

अपील .

सभी जबवादी व्यक्तियों ,संस्थाओं एवं GSS के सदस्यों -समर्थकों से विनम्र अपील है कि इस ‘ संकल्प पंद्रहवीं’ के किसी भी दिन अपने -अपने संपर्क स्थानों में सामूहिक रूप से संकल्प मुद्दों पर चर्चा करें एवं ‘संकल्प पत्र ‘ भरें और इसकी सूचना gss संपर्कों से प्रत्यक्ष व्हाट्सअप ,फेसबुक आदि माध्यमों से दें। ‘संकल्पी पंद्रहवी के बाद सभी संबधित लोगों से चर्चा -संपर्क कर आगे के कार्यक्रमों पर निर्णय लिया जावेगा।

संकल्प पत्र की कापी gss के विभिन्न माध्यमों पर प्राप्त किया जा सकती है.

गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) केंद्रीय कमेटी के तत्वाधान में

संपर्क– gss केंद्रीय कार्यालय प्रभारी-महेश आर्य,

मोबा.नं- 9993335380,9669100782

E -mail: gssheadoffice@gmail. com

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