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खरसिया ःः युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास एवं हत्या के प्रयास मामले में जनता का आक्रोश .

खरसिया के गीधा गांव में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास एवं हत्या के प्रयास मामले में जनता का आक्रोश आया सामने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में पीड़िता के परिजन एवं नागरिक पहुंचे खरसिया चौकी।

खरसिया / पर्दाफ़ाश न्यूज

खरसिया के ग्राम गीधा में 21 मार्च 2019 होली के दिन लगभग 1:30 अपने मीतान परिवारों को चावल दाल एवं त्यौहार का रोटी देने गई 20 वर्षीय युवती के साथ ही गांव के युवकों के द्वारा जबरन छेड़खानी एवं दुष्कर्म करने का प्रयास करते हुए युवती के साथ हाथापाई करते हुए उसके सिर पर पत्थर मारकर जानलेवा हमला की घटना को अंजाम दिया गया था। युवती जब 3:00 बजे तक वापस घर नहीं आई तब उसे खोजते उसके परिजन गांव में घूमने लगे तो किसी बच्चे ने आकर युवती के परिजनो को बताया कि मूंचू राठीया के बाड़ी के पास खून से लहूलुहान अचेत अवस्था में बड़ी है पीड़िता । मामले की सूचना मिलते ही आनन फानन में पीड़िता के माता एवं परिजन घटनास्थल पहुंचे जहां युवती के सिर पर पत्थर से गंभीर वार किए जाने के कारण लहूलुहान एवं बेहोश हालत में युवती उक्त सुनसान जगह पर बेहोश पड़ी थी। उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त पड़े थे मामले की सूचना युवती की माता ने उसके पिता एवं अन्य परिवार के सदस्यों को दी तब उनके द्वारा आनन-फानन में उक्त युवती की जान बचाने उसे खरसिया सिविल अस्पताल लाया गया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया ।

जिला चिकित्सालय में युवती की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिंदल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों के द्वारा उसे किसी अन्य अस्पताल में भर्ती कराने सलाह दी गई जिस पर युवती के परिजनों के द्वारा गंभीर चोट के कारण बेहोशी की हालत में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाली युवती को उसकी जान बचाने रायपुर के श्री बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया ।

घटना दिनांक से लेकर आज लगभग 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए आईसीयू में कोमा में भर्ती है। जब उसके परिजनों के द्वारा मामले की सूचना खरसिया थाने में दी गई तो खरसिया थाना प्रभारी के द्वारा अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर पतासाजी की गई मामले की गंभीरता को देखते हुए खरसिया एसडीओपी गरिमा द्विवेदी एवं थाना प्रभारी अपने टीम के साथ पीड़िता के गांव गीधा पहुंचे एवं घटनास्थल का जायजा लिया ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस के द्वारा गांव के ही तीन युवकों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया एवं उनसे लगातार 24 घंटे तक बल प्रयोग करते हुए पूछताछ किया गया उन तीनो युवकों के द्वारा पूछताछ करने पर गांव के ही गनपत राठिया उर्फ गोलू पिता जगन्नाथ राठिया के द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिए जाने की बात कहे जाने की जानकारी पुलिस के द्वारा कहीं जा रही है।

जिसके आधार पर पुलिस की मानें तो गांव के ही गिधा पहाड़ में छुपे घटना के आरोपी गनपत राठौर उर्फ गोलु को आज दोपहर लगभग 2:00 बजे के आसपास खरसिया पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया एवं घटनास्थल पर ले जाकर युवक की निशानदेही पर पीड़िता के कपड़े एवं घटना के वक्त प्रयोग किए गए पत्थर को जप्त किया गया । युवक का डॉक्टर मुलाहिजा के पश्चात लगभग 4:00 बजे उक्त आरोपी को खरसिया सिविल जज के अनुपस्थिति के कारण रायगढ़ न्यायालय में पेश किया गया जहां से आरोपी गनपत राठिया को जिला जेल भेज दिया गया। जैसे ही पुलिस के द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए अन्य ग्रामीणों को छोड़े जाने की जानकारी गांव वालों को मिली तो युवती के परिजन एवं उनके समाज के लोगों के साथ साथ खरसिया विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोग खरसिया पहुंचे बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस के द्वारा आनन-फानन में आरोपी युवक को रायगढ़ न्यायालय में प्रस्तुत करने भेज दिया गया।

तब युवती के परिजन एवं गांव वाले सैकड़ों की तादाद में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे कि जब गांव के 3 ग्रामीणों को पुलिस के द्वारा पूछताछ के लिए 24 घंटे हिरासत में रखा गया एवं बल प्रयोग कर उनसे पूछताछ की गई तब घटना के मुख्य आरोपी गनपत राठिया उर्फ गोलू को पुलिस के द्वारा रिमांड में लेकर पूछताछ करने के बजाय आनन-फानन में मात्र 2 घंटे में ही न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल क्यों भेज दिया गया ।

आखिर पुलिस ने उक्त मामले में अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए आरोपी गनपत से कड़ाई से पूछताछ क्यों नहीं की आपको यह बताना लाजमी होगा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कल पुलिस कप्तान रायगढ़ राजेश अग्रवाल खरसिया एसडीओपी गरीमा द्विवेदी एवं थाना प्रभारी एसआर साहू के साथ स्वयं घटनास्थल पहुंचे थे एवं घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की गंभीरता को देखते हुए खरसिया पुलिस को शीघ्र कड़ी कार्यवाही करने एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे ।

ऐसे में पुलिस के द्वारा मुख्य आरोपी गनपत राठौर गोलु को तो गिरफ्तार करने में तत्परता दिखाई लेकिन युवती के परिजनों एवं ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त घटना को अंजाम देने वाले अन्य आरोपियों को पुलिस के द्वारा किस कारण से संरक्षण दिया गया एवं उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई इस बात को लेकर युवती के परिजन एवं ग्रामीण खासे नाराज नजर आए।

अचानक धीरे धीरे सैकड़ों की संख्या में युवती के परिजन एवं सामाजिक लोग एकत्रित होने लगे और सैकड़ों की संख्या में गीधा कांड के आरोपियों को गिरफ्तार करो गिरफ्तार करो महिलाओं पर अत्याचार बंद करो के गगनभेदी नारों के साथ खरसिया पुलिस चौकी पहुंचकर उक्त मामले के सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग करने लगे।

सैकड़ों की संख्या में युवती के परिजन एवं ग्रामीणों के चौकी पहुंचने की जानकारी मिलते ही तत्काल मौके पर खरसिया एसडीओपी गरिमा द्विवेदी एवं थाना प्रभारी सुमतराम साहू पुलिस चौकी पहुंचे उनके द्वारा आक्रोशित ग्रामीणों एवं युवती के परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया की उक्त मामले में एकमात्र आरोपी गनपत राठिया उर्फ गोलू को पुलिस के द्वारा तत्परता से गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 376 ,511, 342, 307 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है । जिस पर ग्रामीणों ने यह कहते हुए नाराजगी जताई की एकमात्र आरोपी इतने जघन्य वारदात को अंजाम नहीं दे सकता उसके साथ जरूर अन्य आरोपी थे जिन्हें पुलिस के द्वारा राजनीतिक दबाव में या फिर ऊंचे रसूख के कारण कार्यवाही करने से कतरा रही है। इस आरोप का जवाब देते हुए खरसिया एसडीओपी के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं अपने देखरेख में कार्यवाही करने की बात कहते हुए मामले की विवेचना खुद के द्वारा किए जाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया गया लेकिन ग्रामीण लगातार इस बात पर अड़े रहे कि उक्त मामले में जो अन्य आरोपी हैं पुलिस उनकी गिरफ्तारी करे ताकि युवती के परिजन एवं ग्रामीणों में जो भय का वातावरण व्याप्त है उसे समाप्त किया जा सके ।

जिस पर एसडीओपी खरसिया गरिमा द्विवेदी के द्वारा तत्काल कार्यवाही करने एवं मामले की विवेचना जारी होने की बात कही उक्त मामले में जिस आरोपी का भी नाम सामने आएगा एवं यदि मामले में किसी के द्वारा लापरवाही बरती गई तो उन पुलिस वालों के खिलाफ भी कार्यवाही की बात ग्रामीणों को एवं युवती को परिजनों को कही गई तब युवती के परिजन मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की बात को लेकर अड़े रहे । काफी देर समझाइश के बाद बड़ी मुश्किल से एसडीओपी द्वारा ठोस कार्यवाही की बात पर ग्रामीण शांत हुए लेकिन उनके द्वारा एसडीएम खरसिया के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपा गया। ज्ञापन में होली के दिन ग्राम गीधा में युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के प्रयास मामले में सम्मिलित सभी आरोपियों के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्यवाही करने एवं खरसिया पुलिस के द्वारा उक्त मामले में किए जा रहे लीपापोती पर पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ।

ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि उक्त मामले की गंभीरता के बावजूद खरसिया पुलिस के द्वारा पहले गांव के 3 लोगों को पूछताछ के नाम पर हिरासत में लिया गया बाद में सिर्फ एक युवक गनपत राठिया को मुख्य आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया गया जबकि उसके साथ वारदात को अंजाम देने वाले अन्य 5 से 7 आरोपियों को पुलिस के द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है जिससे युवती के परिजन एवं ग्रामीणों में दहशत का वातावरण है। उक्त आरोपियों के द्वारा किसी अनहोनी घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका है। ऐसे में जबकि पीड़िता पिछले 48 घंटों से जिंदगी एवं मौत के बीच आईसीयू में संघर्ष कर रही है घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों की गिरफ्तारी एवं मामले में लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही नहीं होती है तब तक महिलाओं के ऊपर अत्याचार एवं शोषण का सिलसिला नहीं रुकेगा युवती के परिजनों एवं ग्रामीणों के द्वारा दिए गए आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए खरसिया एसडीएम गिरीश रामटेके के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उक्त ज्ञापन को माननीय महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन को अग्रेषित किए जाने एवं उक्त मामले में ठोस कार्यवाही के लिए पुलिस को निर्देशित किए जाने का आश्वासन पीड़िता के परिजनों एवं सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को दिया। तब बड़ी मुश्किल से ठोस कार्यवाही का आश्वासन मिलने पर युवती के परिजन एवं ग्रामीण वापस हुए। युवती के पिता ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी वर्तमान में आईसीयू में भर्ती है एवं जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है ऐसे में वह स्वयं तो अपनी बेटी को न्याय दिलाने कुछ खास नहीं कर पा रहे लेकिन मीडिया के माध्यम से उन्होंने पुलिस के द्वारा अन्य आरोपियों को बचाए जाने का आरोप लगाते हुए सभी को गिरफ्तार कराने एवं अपनी बेटी को न्याय दिलाने का निवेदन किया है ।

जिस पर मामले की जानकारी मिलने पर रायपुर की सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट श्रीमती ममता शर्मा स्वयं पीड़िता से मिलने हॉस्पिटल पहुंची एवं पीड़िता का हाल चाल जाना साथ ही स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन से पीड़िता के इलाज के खर्च को शासन के द्वारा वहन किए जाने की मांग भी की गई इतना ही नहीं पीड़िता के परिजनों को हर संभव कानूनी मदद का आश्वासन भी दिया गया । मामले की गंभीरता को देखते हुए ममता शर्मा के द्वारा रायगढ़ पुलिस कप्तान एवं पुलिस के अन्य उच्चाधिकारियों से संपर्क स्थापित कर पीड़िता के मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग की गई है ।।

होली के दिन भारी। चाक-चौबंद पुलिस व्यवस्था एवं लगातार क्षेत्र में पेट्रोलिंग के बाद भी आरोपियों द्वारा भरी दोपहर युवती को सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करना एवं यूवती के द्वारा विरोध करने पर जानलेवा हमला जैसी घटना से निश्चित तौर पर खरसिया क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर से आरोपियों का भय समाप्त होने के संकेत है। यदि समय रहते पुलिस के द्वारा ऐसे महिला समाज के ऊपर गलत निगाह रखने वाले आरोपियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है तो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजमी है ।

जब खरसिया क्षेत्र में महिला एसडीओपी के पद स्थापना के बाद महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के संबंध में महिला एसडीओपी गरिमा दिवेदी से सवाल पूछा गया तो उनके द्वारा किसी भी सूरत पर महिलाओं की आन बान शान एवं कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले आरोपियों को नहीं बख्शे जाने की बात कही गई। फिलहाल पुलिस एवं प्रशासन इस मामले में क्या एक्शन लेता है क्या इस मामले के पर्दे के पीछे छूपे आरोपियों तक कानून के हाथ पहुंच पाते है या नहीं इसके लिए हमें पुलिस के कार्यवाही का इंतजार करना होगा । लेकिन फिलहाल गीधा क्षेत्र में गठित इस घटना ने एक बार फिर खरसिया क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है । युवती के साथ हवे जघन्य अपराध के मामले में सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के तथाकथित ठेकेदारों के चुप्पी पर भी लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है।

महानगरों में होने वाली घटनाओं पर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के तथाकथित जिम्मेदार पदाधिकारियों के द्वारा उक्त जघन्य अपराध के मामले में किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया ना देना एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने आगे नहीं आने पर लोगों में आक्रोश देखने को मिला । आज सैकड़ों की संख्या में एसडीओपी एवं एसडीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों एवं युवती के परिजनों ने यह साफ संकेत दिया है कि जब आम जनता के साथ कोई अन्याय अत्याचार होता है और उस पर निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं तथाकथित सामाजिक एवं राजनीतिक दलों के ठेकेदार चुप्पी साध लेते हैं तो अपनी लड़ाई लड़ने के लिए आम जनता स्वयं तैयार है । यदि जरूरत पड़ी तो बड़ी बड़ी बातें करके आम जनता के सुख-दुख का हितेषी बनने वाले ऐसे जनप्रतिनिधियों को जनता आने वाले वक्त में उनको माकूल जवाब देगी । फिलहाल क्षेत्र में घटित घटना एक बार फिर खरसिया में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया??

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