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किसान विरोधी अध्यादेश, श्रम कानूनों में संशोधन, पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम के खिलाफ 3 जुलाई को विरोध प्रदर्शन

3 जुलाई 2020 को केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में अखिल भारतीय आह्वान पर गरियाबंद जिले के पांचों ब्लॉक मुख्यालयों में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी व तहसीलदार को ज्ञापन सौंप विरोध किया जाएगा।

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि वैश्विक महामारी कोरोना से मुकाबले के नाम पर केंद्र सरकार ने 24 मार्च से लॉक डाउन लागू किया था। लेकिन जिस समय लॉक डाउन लागू किया गया उस समय कोरोना संक्रमितों की संख्या बहुत ही कम थी और अब जब लॉक डाउन खोल दिया गया है इस समय लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। आज भारत दुनिया के संक्रमित देशों के साथ चौथे स्थान पर है।

एक तरफ कोरोना के इस दौर में सरकार ने शराब दुकानों, धार्मिक स्थलों को चालू कर दिया है लेकिन दूसरी तरफ धारा 144 लागू रखकर राजनीतिक धरना प्रदर्शन, हड़ताल की अनुमति पर प्रतिबंध जारी रखा है। इसकी आड़ में केंद्र सरकार बिना सदन में चर्चा कोई किसान विरोधी अध्यादेश लाकर, श्रम कानूनों में संशोधन कर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

तेल के दाम में भारी कमी के बावजूद देश मे लगातार पेट्रोल व डीजल की दामों में बेतहाशा वृद्धि जारी है जो कोरोना संकट का सामना कर रहे देश की जनता के ऊपर दोहरी मार है।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन लाल साहू, सचिव तेजराम विद्रोही, सदस्य ललित कुमार, रेखुराम, बजरंग दास, भाकपा (माले) रेड स्टार के गरियाबंद जिला सचिव उत्तम कुमार, आदिवासी भारत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भोजलाल नेताम, सदस्य नंदू ध्रुव, हेमलाल नेताम, ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ राज्य कमेटी के अध्यक्ष भारत भूषण, सदस्य हरिशंकर यादव, रविन्द्र मरकाम, ने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठन के संयुक्त आह्वान पर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया, आदिवासी भारत महासभा के संयुक्त नेतृत्व में कोरोना संक्रमण से बचाव की सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए गरियाबंद जिले के पाँच ब्लॉक फिंगेश्वर, छुरा, गरियाबंद, मैनपुर व देवभोग में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी व तहसीलदार को बीस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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