किसान आंदोलन मानव अधिकार

किसान दिवस पर पत्थलगांव मे हुई विचारगोष्ठी

जीवन विकास मैत्री, आशादीप, पत्थलगांव में किसान दिवस के मौके पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों में जाग्रति लाना, उनकी समस्याओं को जानने-समझने, संगठित होने और खेती-किसानी मे आ रही समस्याओं तलाशने के संबंध मे चर्चा की गई।

आयोजक याक़ूब कुजूर ने बताया कि किसान दिवस किसानों को धन्यवाद देने, कृतज्ञता की भावना प्रकट करने, सम्मानित करने, परितोषित करने, उनकी मदद करने और सकारात्मक सोच को विकसित करने के लिए मनाया जाता है। क्योंकि किसान कड़ी मेहत करके अन्न उपजाकर दुनिया का पेट भरता है।

हर साल चौधरी चरन सिंह के जन्म दिन 23 दिसम्बर को भारत में किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। चौधरी चरन सिंह एक महान किसान नेता थे। वे देश के पांचवे प्रधान मंत्री और उत्तर प्रदेश से दो बार मुख्य मन्त्री रहे थे। वे पेशे से वकील थे। राजनीति में प्रवेश करने के बाद देश की स्वतंत्रता की खातिर कई बार जेल गए।  उनके अथक प्रयास से 1952 में ज़मीदारी उन्मूलन विधेयक तैयार और लागू हुआ। किसानों के हित के लिए उत्तर प्रदेश  में उन्होंने 1954 में भूमि संरक्षण कानून पारित किया। 1979 में वित्त और उप प्रधान मंत्री के रूप में उन्होंने ने रष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण बैंक, नाबार्ड की  स्थपना की। वे किसानों की आवाज बुलंद करने वाले एक प्रखर नेता और लेखक थे।

किसानों कि मांगें

कार्यक्रम में किसानों ने अपनी समस्याओं पर चर्चा करके निम्नलिखित मांगों के लिए मुख्य मंत्री के नाम एस. डी. एम. को ज्ञापन सौंपा –

1  लागत से डेढ़ गुना फसल की कीमत निर्धारित करो
2 नदी, नालों में हर एक किलो मीटर में स्टॉप डेम बनाओ
3  सिंचाई व कृषि के साधन उपलब्ध करवाओ
4  लुड़ेग में लगे टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट को चालू कराओ और बड़े पैमाने पर उत्पादन कराओ
5  कृषि बाजार में दलाली प्रथा खत्म करो
6  कृषि सहकारिता बाजार खोलो
7  जमीन समतलीकरण में मदद करो
8  खाद , बीज और दवाई समय पर उचित कीमत में उपलब्ध कराओ
9  समर्थन मूल्य में धन की खरीदी साल भर करो इससे धान की खरीदी में ढांढली एवं अन्न की बर्बादी नहीं होगी
10 कॉल्ड स्टोरेज का निर्माण कराओ
11 कृषि ऋण में अनियमितता बंद करो
12 कृष प्रशिक्षण व प्रोत्साहन दो
13 हाथी समस्या का समाधान करो

विचार गोष्टी में सौ किसानों ने भाग लिया। समारोह के मुख्य अतिथिगण अन्थ्रेस एक्का,  नोहरसाय सिदार, रजिना तिर्की और उर्मिला थीं। सम्मान देने के लिए किसानों को ही मुख्य अतिथि बनाया गया था। याकूब कुजूर ने उद्देश्य पर प्रकाश डाला फिर किसानों ने अपनी समस्याओं को बताया, चर्चा हुई फिर विशिष्ट अतिथियों डॉ फा ऑस्कर तिर्की, बदनु एक्का, बिपिन कुजुर, याकूब कुजूर ने समस्याओं का प्रत्युत्तर दिया जिसमें संगठन पर बल दिया गया। सभी उपस्थित किसानों को सम्मान चिन्ह प्रदान किया गया। मुख्य अतिथियों ने संदेश में कहा किसानों को सजग होना है, समस्याओं के समाधान हेतु स्वयं पहल करनी है, बहु फसली पर ध्यान देना है, उचित बाजार की तलाश करनी है।

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