प्राकृतिक संसाधन मजदूर

किसान की 40 लाख की सालाना आमदनी देख सच जानने खेत तक पहुंच गए प्रधान आयकर महानिदेशक

काली मिर्च की खेती : देश – विदेश में चर्चित हैं कोंडागांव के प्रगतिशील किसान डॉ . राजाराम त्रिपाठी

इनकम टैक्स अफसर ने खुद किया 80 लाख रुपए की पैदावार का आकल

रायपुर @ पत्रिका . खेती के आधुनिक तौर – तरीकों और उससे होने वाली आमदनी को लेकर देश – विदेश में खासे चर्चित हैं बस्तर संभाग अंतर्गत कोंडागांव जिले के प्रगतिशील किसान डॉ . राजाराम त्रिपाठी उनकी सालाना आय 40 लाख रुपए है । इस कमाई का सच जानने देश के प्रधान आयकर महानिदेशक के . सी . घुमरिया उनके खेत तक पहुंच गए उन्होंने राजाराम से पूछा इतनी अधिक कृषि आय कैसे लेते हैं , तो सीधे जवाब देने की बजाय राजाराम उन्हें काली मिर्च के खेत में लेकर गए वहां उनसे खुदही पैदावार का आकलन करने को कहा आश्चर्यजनक रूप से एक एकड़ में लगभग 80 लाख रुपए की पैदावार का अनुमान लगाया । इस खेती से बेहद प्रभावित खमरिया हंसते हुए किसान से कह गए कि रिटायरमेंट के बाद वह भी खेती करने कोंडागांव आएंगे किसान राजाराम त्रिपाठी ने ‘ पत्रिका ‘ को बताया कि में हर साल 40 लाख रुपए की कृषि आय दर्शाता हूं ।

इतनी बड़ी कर रहित कृषि आय को देख आयकर अधिकारी भी अचंभित थे । इसीलिए अपने छत्तीसगढ़ दौरे पर देश के प्रधान आयकर महानिदेशक ( प्रशासनिक एवं करदाता सेवाए ) के . सी . घुमरिया हमारी खेती की तकनीक देखने कोंडागांव आए थे । उन्होंने शनिवार को खेतों का मुआयना किया इसमें दावार देखकर वह अचंभित रह गए ।

नई तकनीक का कमाल : किसान राजाराम ने बताया कि मैंने ऑस्ट्रेलियन टीक नामक कालीमिर्च का पौधा तैयार किया है। इस पौधेकी खासियत यह है कि यह 300 गुना तक प्राकृतिक नाइट्रोजन को अवशोषित करता है । इसकी बदौलत जहां सामान्य कालीमिर्च के एक पौधे की पैदावार 5 – 10 किलोग्राम है , वहीं ऑस्ट्रेलियन टीक 35 – 40 किलोग्राम तक उत्पादन देता है । राजाराम का दावा है कि यदि इस पद्धति से खेती की जाए तो देश में 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपए की रासायनिक खाद की खपत पर भी कमी लाई जा सकती हैं।

            केरल से दो दल आकर कर चुके हैं निरीक्षण : राजाराम ने बताया कि मसालों की खेती के लिए प्रसिद्ध केरल के किसान एक एकड़ खेत में कालीमिर्च की फसल से अधिक से अधिक 5 - 6 लाख रुपए तक का उत्पादन ले पाते हैं । राजाराम के प्रति एकड़ में 80 लाख रुपए के उत्पादन का दावा सुनने के बाद वहां से किसानों के दो दल भी कोंडागांव का दौरा करके जा चुके हैं ।

                 डॉ. संदीप उपाध्याय

राजाराम त्रिपाठी जैविक खेती करके काफी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं । मैंने उनसे कहा कि कि वह क्षेत्र के आदिवासियों को इससे जोड़कर इसकी ट्रेनिंग दें रिटायरमेंट के बाद में भी उनके साथ जुड़कर इस खेती को करूंगा और आदिवासियों को ट्रेंड करने का काम करूंगा मैं जनजातियों के विकास के लिए काम करने का इच्छुक हूं।

के . सी . घुमरिया , प्रधान आयकर महानिदेशक ( प्रशासनिक एवं करदाता सेवाएं ) , भारत सरकार

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