मजदूर

कारखाना मालिकों के पक्ष में किया जा रहा है श्रम कानूनों में संशोधन : शहीद कॉमरेड रमेश परिडा का 29वीं शहादत दिवस मनाया गया.


1990 में पारागांव पेपर मिल, नवभारत फ्यूज व नवभारत एक्सप्लोसिव के मजदूरों ने ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया के बैनर तले सुरक्षित व स्थायी रोजगार और जीने लायक वेतन की मांग को लेकर अभनपुर में आंदोलन चला रहा था। इस बीच पुलिस द्वारा मजदूर नेताओं के ऊपर किये जा रहे दमन के खिलाफ मजदूरों ने अभनपुर थाना का घेराव कर दिया था जिसमें पारागांव पेपर मिल के मजदूर कॉमरेड रमेश परिडा पुलिस गोली चालन से शहीद हो गए थे।

31मई को कॉमरेड रमेश परिडा के 29वीं शहादत दिवस के अवसर पर ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई के नेतृत्व में तहसील कार्यालय से रैली कर रायपुर रोड तिराहा अभनपुर में श्रधांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर भाकपा (माले) रेड स्टार के राज्य सचिव कॉमरेड सौरा, ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विस्फोटक कारखाना श्रमिक संघ के महासचिव कॉमरेड भारत भूषण, छत्तीसगढ़ विस्फोटक कारखाना संघ के अध्यक्ष सालिकराम यादव, पारागांव पेपर मिल के अध्यक्ष लक्ष्मण साहू, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष कॉमरेड मदनलाल, राज्य सचिव कॉमरेड तेजराम विद्रोही, क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच के संयोजक कॉमरेड तुहिन, अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन के सचिव कॉमरेड दीपा सहित अन्य संघर्षशील मजदूरों ने भाग लिया।


वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड रमेश परिडा जिन मांगो को लेकर आंदोलन में शामिल रहे और शहीद हो गए उनकी लड़ाई आज भी अधूरी है। आज केंद्र व राज्य की सरकारें कारखाना मालिको के पक्ष में मजदूर विरोधी नीतियों को लगातार लागू कर रही है। मजदूरों के पक्ष में बनाई गई तमाम कानूनों को तोड़ मरोड़ कर कॉरपोरेट परस्त नीतियों को लाद दिया गया है। 1990 के बाद आज परिस्थिति मजदूरों के लिए और भी भयावह है ऐसे परिस्थितियों में हम एकताबद्ध मजदूर आंदोलनों के माध्यम से ही जीत हासिल कर सकते हैं।


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