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कांकेर की बेवरती ग्राम पंचायत ने फूड पार्क का प्रस्ताव नकारा

बेवरती गांव की 21 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित है फूड पार्क

पत्रिका

कांकेर . ग्रामीण क्षेत्रों में 200 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने की छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को बड़ा झटका लगा है । कांकेर जिले की बेवरती ग्राम पंचायत ने उनकी जमीन पर प्रस्तावित फूड पार्क की योजना को नकार दिया है । पंचायत भवन में शुक्रवार को हुई ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एकस्वर में कह दिया कि वे अपने गांव की 21 हेक्टेयर जमीन सरकार को नहीं देंगे जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने 20 अगस्त को एक पत्र ग्राम पंचायत बेवरती को भेजा था । इसमें ग्रामसभा की जमीन खसरा नं . 870 / 1 रकबा 20 . 94 हेक्टेयर ( 52 एकड़ ) भूमि को फूडपार्क के लिए चुने जाने की जानकारी दी गई थी । सरपंच से इस प्रस्ताव को ग्रामसभा में मंजूरी दिलाने को कहा गया था ।
इससे पहले ही स्थानीय प्रशासन की ओर से उक्त जमीन पर एक बोर्ड लगा दिया गया था . जिसपर फडपार्क के लिए आरक्षित लिखा गया था । सरपंच सुशीला नेताम की अध्यक्षता में शुक्रवार को पंचायत भवन में ग्रामसभा हुई सरपंच ने प्रस्ताव रखा , जिसका ग्रामीणों ने एकस्वर से विरोध किया । ग्रामसभा ने सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया । फैसले के बाद ग्रामीणों ने प्रस्तावित जमीन पर लगे बोर्ड को भी उखाड़कर फेंक दिया ग्रामीणों का कहना था कि हमारे गांव में फूडपार्क बनाने की आवश्यकता नहीं है । ग्राम पंचायत की भूमि हम किसी अन्य सरकारी काम के लिए नहीं देंगे यह भूमि ग्राम पंचायत की है और रहेगी उनका कहना था कि बिना सूचना के प्रशासन ने यहां बोर्ड लगा दिया है । जबकि उन लोगों ने वहां पौधे लगाए हैं । हम मुफ्त में अपने गांव की 52 एकड़ भूमि किसी को नहीं देंगे ।

यह है सरकार की योजना

सरकार की योजना प्रदेश में 200 खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र लगाने की योजना है । कोशिश है कि कृषि , उद्यानिकी और लघु वनोपज उत्पादों का प्रसंस्करण कर किसानों को अच्छा दाम दिलाया जा सके । वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले । फूड पार्क में दालमिल , आटा मिल , बेकरी , मसाला , राइस मिल , पोहा मिल , मुरमुरा , आइसक्रीम , मिल्क चिलिंग प्लांट जैसे उद्योग लगाए जाने थे ।

ग्राम पंचायत बेवरती में फूडपार्क और यूटीलिटी सेंटर के लिए आरक्षित भूमि से ग्रामीणों द्वारा बोर्ड उखाड़कर फेंके जाने की सूचना हमें नहीं है । इस मामले की जानकारी मांगी गई है । उसके बाद कोई फैसला होगा ।

के . एल . चौहान , कलेक्टर , कांकेर

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