कला साहित्य एवं संस्कृति

कल रविवार को कवि पुरात्ववेत्ता शरद कोकास की ” एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी” का दूसरा अंक. ” हनुमान और हरक्यूलिस “

कवि पुरातत्ववेत्ता शरद कोकास की सुप्रसिद्व और सोशल मीडिया पर चर्चित ‘एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी’ अबसे प्रत्येक रविवार को सीजीबास्केट में . यह डायरी इतने रोचक अंदाज़ में लिखी है कि आप इसे एक बार पढ़ना शुरू करेंगे तो प्यास बढ़ती ही जायेगी . इसमें आपको मिलेंगी मनुष्य के घर ,उसकी जीवन शैली , उसकी भूख की कहानियां , पौराणिक किस्से , अजंता एलोरा की यात्राएँ और बहुत कुछ . पढ़ते रहिएगा .

पिछले रविवार को प्रस्तुत किया था ” चंबल के पानी में चांद ” तो कल रविवार को प्रस्तुत कर रहे हैं . हनुमान और हरक्यूलिस

Related posts

शरद कोकास की कविता ” अनकही ” का राज्य सभा में सांसद रजनी पाटिल द्वारा पाठ : गलत संदर्भ के साथ ।

News Desk

हर मेरा भईया ठेकेदार बन जायेगा ,चौरी करने वाला चौकीदार बन जायेगा … आज फिर आपके लिए एक नया गाना. : राजकुमार सोनी फिर एक बार नये गीत के साथ ..

News Desk

26 .आज मसाला चाय में सुनिए काका हाथरसी की व्यंग्य रचनाएं और उनके कुछ मज़ेदार दोहे.

Anuj Shrivastava