कला साहित्य एवं संस्कृति

कल रविवार को कवि पुरात्ववेत्ता शरद कोकास की ” एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी” का दूसरा अंक. ” हनुमान और हरक्यूलिस “

कवि पुरातत्ववेत्ता शरद कोकास की सुप्रसिद्व और सोशल मीडिया पर चर्चित ‘एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी’ अबसे प्रत्येक रविवार को सीजीबास्केट में . यह डायरी इतने रोचक अंदाज़ में लिखी है कि आप इसे एक बार पढ़ना शुरू करेंगे तो प्यास बढ़ती ही जायेगी . इसमें आपको मिलेंगी मनुष्य के घर ,उसकी जीवन शैली , उसकी भूख की कहानियां , पौराणिक किस्से , अजंता एलोरा की यात्राएँ और बहुत कुछ . पढ़ते रहिएगा .

पिछले रविवार को प्रस्तुत किया था ” चंबल के पानी में चांद ” तो कल रविवार को प्रस्तुत कर रहे हैं . हनुमान और हरक्यूलिस

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