आंदोलन किसान आंदोलन

कलेक्टर दुर्ग : गर्मी का धान बोने पर बिजली आपूर्ति काटने का अब तक शासन का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है, ऐसा करने वाले किसी भी किसान के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, कम वर्षा और भूजल के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए और गर्मी में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन की मंशा गर्मी का धान बोने वाले किसानों को हतोत्साहित करना मात्र है. / छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन

*रबी का धान बोने पर नहीं होगी किसान की गिरफ्तारी, बिजली आपूर्ति काटने का आदेश नहीं है*

*सरकार को धान बेचने पर भी पात्रता होने पर किसान को सूखा राहत का लाभ मिलेगा*

गर्मी का धान बोने पर संबंधित किसान का बिजली कनेक्शन काटने, और किसान को जेल भेजने संबंधी अफवाह के कारण किसानों में दहशत है, इसी मुद्दे पर शासन के निर्देश की सही जानकारी लेने के लिए *छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन*के प्रतिनिधिमंडल ने आज दुर्ग के कलेक्टर उमेश अग्रवाल से भेंट किया, कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि गर्मी का धान बोने पर बिजली आपूर्ति काटने का अब तक शासन का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है, ऐसा करने वाले किसी भी किसान के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, कम वर्षा और भूजल के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए और गर्मी में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन की मंशा गर्मी का धान बोने वाले किसानों को हतोत्साहित करना मात्र है,

किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से गर्मी का फसल बोने पर रोक की स्थिति में संबंधित किसान को प्रति एकड़ 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने की मांग की है,
सरकार को पूरा धान बेचने वाले किसानों को सूखा राहत का लाभ नहीं मिलने संबंधी अफवाह की ओर कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया गया इस पर उन्होने स्पष्ट किया कि 33% फसल की क्षति होने की स्थिति में पात्र किसानों को आरबीसी 6/4 के अंतर्गत सूखा राहत राशि का लाभ मिलेगा, धान खरीदी से सूखा राहत का कोई सीधा संबंध नहीं है
फसल अपशिष्ट जलाने पर प्रतिबंध के मुद्दे पर कलेक्टर ने इसे एनजीटी का आदेश बताया, किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने फसल अपशिष्ट के संकलन के कार्य को मनरेगा के अंतर्गत कराने का आग्रह कलेक्टर से किया गया,

धान खरीदी केंद्र में निर्धारित से अधिक वजन की तौल करके और नगपुरा में महाराष्ट्र बैंक और ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों द्वारा रबी फसल चना की बीमा राशि का भुगतान करने में हीलहवाला करनें और किसानों से दुर्व्यवहार करने की शिकायत भी कलेक्टर से की गई है, कुछ खरीदी केंद्र में खराब गुणवत्ता की आड़ में बदरंग धान को खरीदने से इन्कार करके जानबूझकर किसान का धान रिजेक्ट करने की ओर कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया गया इस पर उन्होने स्पष्ट किया कि ऐसे मामले सीधे उनके ध्यान में तत्काल लाया जाना चाहिए, किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा,

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल में संयोजक राजकुमार गुप्त, अध्यक्ष आई के वर्मा, महासचिव झबेंद्र भूषण दास वैष्णव, जिला अध्यक्ष उत्तम चंद्राकर, संगठन सचिव बद्रीप्रसाद पारकर, ब्लाक अध्यक्ष परमानंद यादव, प्रमोद पंवार,दीपक यादव सहित बड़ी संख्या में गर्मी का धान बोने वाले किसान शामिल रहे.
**

Related posts

मोदी पूरी तरह सुरक्षित हैं लेकिन उनका झूठ सुरक्षित नहीं हैं : विकास नारायण राय

News Desk

जगदलपुर विधिक सहायता संघ अपनी अभिन्न मित्र, सहयोगी, संरक्षक और प्रेरणास्रोत – सुधा भरद्वाज की गिरफ्तारी की निंदा करता है.

News Desk

युवा संत अनशन पर और सरकार अपनी मौन पर अडिग! 23 फरवरी को जंतर मंतर पर होगा गंगा प्रेमियों का जमावड़ा!!

News Desk