हिंसा

कलकत्ता में जूनियर डॉक्टरों पर हुआ हमला निंदनीय, सरकार चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे .डा.दिनेश मिश्रा

कल कलकत्ता में एन. आर. एस. मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्टरों के साथ मेडिकल कॉलेज में कुछ लोगों ने मार पीट की जिससे दोनों युवा डॉक्टर बुरी तरह घायल हो गए।मैं चिकित्सकों पर हो रहे इन हमलों की कड़ी निंदा करता हूँ और इस हिंसाके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग करता हूँ ,।

पिछले कुछ समय से ऐसी घटनाएं देश भर में बढ़ी है जिसमें न केवल प्राइवेट अस्पतालों,मेडिकल कॉलेज ,और चिकित्सा छात्र भी प्रताड़ना के शिकार हुए हैं,जबकि सरकारी अस्पतालों,मेडिकल कॉलेजों में में डॉक्टर कितनी कम सुविधाओं में भी लोगों का इलाज करते हैं, और चिकित्सा छात्र और जूनियर डॉक्टर्स तो घर के बच्चे ही है ,अपने जीवन के कितना बेशकीमती समय लग कर कठिन परिश्रम से डॉक्टर बनते हैं अस्पतालों में लगातार रात दिन की ड्यूटी करते हैं न उनका ठीक से खाना हो पाता है,और ना नींद ।उन के साथ भी हिंसा के ऐसी वारदातें निंदनीय हैं।

ऐसी हर घटना के बाद देश भर के चिकित्सक मन ही मन यह सोचने लगते हैं कि वो अब से गंभीर मरीजों के इलाज से बचेंगे,और कुछ ऐसा करते भी हैं। कोई भी चिकित्सक इस प्रकार की घटना होने की आशंका से गम्भीर मरीज के इलाज का रिस्क लेने से बचना चाहेगा . अस्पतालों में मरीजों का उपचार करते समय हुए हमलों से अब तक अनेक डॉक्टरों की मृत्यु भी हुई है और अनेक बुरी तरह घायल भी हुए हैं ।इस सम्बंध में शासन/प्रशासन की चुप्पी भी आश्चर्यजनक होती है आखिर किसी भी अस्पताल के अंदर कैसे सैकड़ों गुंडा तत्व पहुंच जाते हैं और तोड़ फोड़, मारपीट करने लगतेहैं ,अस्पतालों की मशीनों और बाकी सामान को नुकसान पहुंचाते हैं , वर्तमान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रीडॉ हर्षवर्धन जी स्वयं भी चिकित्सक है उन्हें तथा ,केंद्र और राज्य सरकारों को स्वयं संज्ञान लेकर देखना चाहिए कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो अस्पतालों में अनाधिकृत व्यक्तियो के प्रवेश करने पर बन्दिश हो तथा अपराधियों को कड़ा दंड दिया जाना चाहिए ।।

डॉ. दिनेश मिश्र वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ रायपुर

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