आदिवासी आंदोलन दलित राजनीति

ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14% से 27% एवं एस. सी. वर्ग का आरक्षण 12% से 16% करने हेतु, “न्याय अधिकार पदयात्रा” का आयोजन, न्यायधानी बिलासपुर से राजधानी रायपुर तक

13.82.2019

“अनुसूचित जाति जनजाति अल्पसंख्यक महासंघ छत्तीसगढ़” की “आरक्षण बढ़ाओ आंदोलन समिति” के द्वारा ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14% से 27% करने एवं एससी वर्ग का आरक्षण 12% से बढ़ाकर 16% करने हेतु,2 फरवरी से 7 फरवरी 2019 तक “न्याय अधिकार पदयात्रा” का आयोजन, न्यायधानी बिलासपुर से राजधानी रायपुर तक किया गया। समाजसेवी और किसान नेता नंदकुमार बघेल ने बिलासपुर से पदयात्रा को शुभकामनाओं के साथ रवाना किया। इस पदयात्रा मे लगभग 100 साथी सम्मिलित हुए। मार्ग मे पदयात्री विभिन्न नगरों और गावों मे जन – जागरण करते चले।

7 फरवरी की सुबह खमतराइ से अंबेडकर प्रतिमा तक की यात्रा मे स्थानीय रायपुर के साथी बड़ी संख्या मे सम्मिलित हुये। अंत मे पदयात्रियों का स्वागत एवं सम्मान समारोह अंबेडकर प्रतिमा, राज भवन के पास रायपुर में “एस. सी., एस. टी., ओ. बी. सी. एंड माइनोरीटीस संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़” के सहयोग से किया गया। सभा को माननीय नंद कुमार बघेल,एडवोकेट रामकृष्णजांगड़े, बृजेश साहू, श्याम मूरत कौशिक,विष्णु बघेल, क्रांति साहू,गिरधर मड़रिया, टी. आर. खूँटे आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एडवोकेट भंजन जांगड़े, अखिलेश एडगर, विवेक कुमार सिंह,शगुनलाल वर्मा, रघुनंदन साहू,शिव कुमार माहेश्वरी,उमेश मानिकपुरी,सनद साहू, अश्वनी बबलू त्रिवेंद्र की उल्लेखनीय भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन सुरेश दिवाकर ने किया। कार्यक्रम मे प्रदेश के विभिन्न स्थानों के सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी, बुद्धिजीवी,युवा,छात्र- छात्राये बड़ी संख्या मे सम्मिलित हुये।

सभा मे आगामी 10 फरवरी को “ओ. बी. सी. महासभा” तथा “एस. सी., एस. टी., ओ. बी. सी. एंड माइनोरीटीस संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़” द्वारा प्रस्तावित भारत बंद के संदर्भ में विचार किया गया तथा बंद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बंद का आह्वान पिछड़ा वर्ग को जनसंख्या के अनुपात मे 52% आरक्षण देने हेतु किया गया है।

सभा के उपरांत मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।न्याय अधिकार पदयात्रा की मुख्य मांगे इस प्रकार है :
• ओबीसी वर्ग को संविधान द्वारा लागू 27% आरक्षण छत्तीसगढ़ में तत्काल लागू किया जाए।
• ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुसार 52% आरक्षण दिया जाए।
• अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण षड्यंत्रपूर्वक छत्तीसगढ़ में 4% कम कर दिया गया है, जिसे पूर्ववत 16% किया जाए।
• प्रदेश के सभी निजी संस्थानों में जाति आधारित आरक्षण लागू हो।
• सभी शासकीय विभागों में आरक्षित रिक्त पदों को भर्ती करने के लिए बैकलॉग भर्ती प्रक्रिया चालू हो, जिससे प्रशासन में सभी वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
• छात्र – छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान को और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उन्हें चालू शिक्षण सत्र में ही छात्रवृत्ति का भुगतान हो।
• शासकीय महाविद्यालयों मे विज्ञान व गणित संकाय के साथ रोजगार मूलक विषयों की समुचित व्यवस्था हो और छात्र – छात्राओं के प्रवेश के लिए निर्धारित स्थानों की संख्या बढ़ाई जाए।
• प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए सर्व सुविधा युक्त छात्रावास की व्यवस्था की जाए।
• जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी तय किए जाए।
• पंचायत चुनाव एवं नगरी निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग को जनसंख्या के अनुसार 52% आरक्षण दिया जाए।
• पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से मंत्रालय हो,जिससे उनकी समस्याओं का निदान हो सके।

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