आदिवासी नक्सल वंचित समूह हिंसा

एर्राबोर शरणार्थी शिविर में हमला मामला : 13 वर्ष पूर्व हुए हमले की विस्तृत रिपोर्ट रजिस्ट्री कार्यालय से मंगाई.

सीजे पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में एबोर शरणार्थी शिविर पर जुलाई 2006 में हुए माओवादी हमले में 32 शरणार्थियों की मौत मामले की सुनवाई की गई मामले की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री कार्यालय से इस संबंध में पूछा है कि अगर उनके पास कोई विस्तत जांच रिपोर्ट है तो पेश करें ।

शासन ने एबोर शरणार्थी शिविर में नक्सल प्रभावित लोगों को परिवार सहित रहने के रिहाइश की व्यवस्था की थी । 2006 जून में माओवादियों ने इस कैंप पर अचानक धावा बोल दिया और गोलीबारी में 32 लोगों को मौत हो गई थी । शिविर में माओवादी हमला और 32 निरपराध लोगों के मौत की न्यायिक जांच व दोषियों पर समूचित कार्रवाई किए जाने को लेकर पी नारायण सामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई ।

अधिवक्ता मीना शास्त्री के माध्यम से दायर याचिका में बताया गया कि शरणार्थी शिविर पर हमले में कौन लोग शामिल है , इसकी जांच कराई जाए । साथ ही मारे गए लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए । युगलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद रजिस्ट्री कार्यालय से इस संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट मंगाई है । साथ ही कहा है कि अगर उनके पास मामले से संबंधित किसी प्रकार का दस्तावेज है तो उसे भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें ।

बिलासपुर @ पत्रिका

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