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एडसमेटा ,फर्जी मुठभेड़ : सीबीआई की टीम गांव जाकर गवाहों को यूएस 160 सी आर पी सी की नोटिस दे आई , खूब हुआ बबाल .अगस्त में होगा ग्रामीणों का बयान.

एडसमेटा से पुष्पा रोकड़े की रिपोर्ट

जांच टीम के साथ पहुंची पुलिस और याचिकाकर्ताओं की भी हो गई बातचीत में भिड़ंत.

स्वतंत्र जांच एजेंसी सवालों के घेरे में

मीडिया को रखा गया कोसों दूर जांच टीम से वहीं एक एक जवान ने बनाया वीडियो और खींची जमकर फोटो

जांच के दौरान देवी-देवताओं पर भी आय सवाल क्यों नहीं मानते हो ब्रह्मा विष्णु को

सीबीआई की अधिकारी सारिका जैन ने मांगी माफी ग्रामीणों से जाना हाल-चाल गांव का जांच के दौरान संबंधी सवाल कम वही अन्य बातें पर दिया ज्यादा ध्यान गांव पहुंचते हैं सादे कपड़े में जूता पुलिस का इधर उधर गांव में घूमकर कर रहा था । एक युवक मुखबिरी कुछ ग्रामीणों को उसने बोला कि तुमने जो भी बयान दिया मैंने सुन लिया है इसी दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़कर मैडम के सामने पेश किया । तमाशा के बाद मैडम ने पहले तो कहा की यह हमारा ट्रांसलेशन करने के लिए आया हुआ था । हिंदी में क्योंकि जिसे टीम में आना था वह किसी कारणवश नहीं पहुंच पाए परंतु कुछ देर बाद मैडम को ग्रामीणों ने अवगत कराया सादे वेशभूषा में जवान इधर उधर ताक झांक रहा था जब आप आए हैं और सामने यह हो रहा है तो सोचिए जब कोई नहीं होता तब हमारे साथ क्या होता है सारी बातों के बाद 15 मिनट के तमाशा खत्म होने के बाद आगे की कार्रवाई हुई।

याचिका करता डिग्री प्रसाद चौहान ने बताया कि सीबीआई की टीम जब गांव पहुंची उस दौरान सारे ग्रामीण जा चुके थे फिर उन्हें वापस बुलाया गया क्योंकि जब जांच टीम पहुंची गांव तकरीबन से 4:00 बज रहा था । पिछले 2 दिनों से ग्रामीण इंतजार कर रहे थे और लौट रहे थे घर जब सीबीआई की टीम गांव की ओर आई तो वापस सभी को बुलवाया गया सीबीआई की टीम के द्वारा अलग-अलग हिस्सों में जांच पड़ताल की गई पर एक स्वतंत्र जांच एजेंसी सीबीआई से मेरा एक सवाल है कि आखिर इतने फोर्स के साथ गांव में आती हैं । फिर मीडिया को दूर रखती है पर एक एक जवान वीडियो फोटो लेता है आखिर जवान इस वीडियो और फोटो का करेगा क्या ??

बीजापुर. …

एडसमेटा कांड की जांच करने सीबीआई की टीम शुक्रवार को एडसमेटा के लिए बीजापुर से रवाना हुई। गंगालूर से एडसमेटा के बीच 12 किमी का सफर टीम ने पैदल चलकर पूरा किया। टीम का नेतृत्व सीबीआई की महिला अफसर सारिका जैन कर रही थीं। बस्तर में सीबीआई दूसरी बार पहुंची है । गंगालूर से पहाड़ी रास्ते और तीन बरसाती नालों को पार करते हुए टीम करीब ३ घंटे में शाम ४ बजे गांव पहुंची। यहां आदिवासियों का बात चीत का क्रम शुरू हुआ जो देर तक जारी रहा। पूरे गांव को कई जवानों ने घेर रखा है और सीबीआई की ४ सदस्यीय टीम गांव में आदिवासियों का बात चीत किया ।

मीडिया को दूर रखा गया। टीम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी रोक लगा दी गई थी । सीबीआई बीजापुर में ही खंगालती रही दस्तावेज, बयान देने एडसमेटा में इंतजार करते रहे आदिवासी बुधवार की रात को ही जिला मुख्यालय आ गई थी.

सीबीआई टीम का नेतृत्व कर रही सारिका जैन ने पहले ही मीडिया को जांच के संबंध में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया था। टीम के पहुंचने से पहले ही सुबह से ही गांव के लोग गांव से करीब एक किमी दूर गुड़ी (देवस्थल) के समीप घटनास्थल पर एकत्र हो गए थे। मौसम साफ था इसलिए किसी को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। सीबीआई की टीम बुधवार की रात को ही जिला मुख्यालय आ गई थी। गुरुवार को इस टीम ने जिला मुख्यालय में अफसरों से चर्चा की साथ ही मामले के कागजात खंगाले।


शुक्रवार को सीबीआई के अफसर गंगालूर थाने गए और वहां केस से जुड़े मामलों को देखा। सीबीआई की टीम मृतक सोनू की रिश्तेदार पूनेम सनकी, मृतक कारम पदेगा एवं मृतक उवके छोटे भाई कारम बदरू के रिश्तेदार बण्डी कारम, मृतक पाण्डू के पुत्र कारम कमलू, मृतक मासा कारम की मां कारम सोमली, मृतक बुधराम की पत्नी सोमली कारम,घायल कारम छोटू , पूनेम सोमलू, कारम आयतू एवं कारम सन्नू के अलावा कुछ और लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

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सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी डटी रही मैदान में 2 दिन तक तब जाकर पहुंची थी फिर भी नहीं हो पाया बयान सारे मामले पर सोनी का कहना है कि जब सीबीआई की स्वतंत्र जांच टीम गांव पहुंची साथ में सीआरपीएफ जिला बल के काफी जवानों को साथ लेकर आई थी जिसको देखते हुए ग्रामीणों में एक दहशत फिर से नजर आने लगी थी उन्हें डर था की पता नहीं पुलिस उनके साथ क्या करेगी पर याचिकाकर्ता की टीम को देखकर ग्रामीणों में हिम्मत आ रही थी ।

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