राजनीति

उम्मीदवारों की मुद्दे व विषय की पृष्ठभूमि पर अच्छी तरह से आंकलन और मूल्यांकन कर अपना मतदान करें और योग्य प्रत्याशी का चयन करें.ः 23 से ज्यादा जनसंगठनों के साझा मंच जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा   रायगढ़

10.11.2018 ः रायगढ

23 से ज्यादा जनसंगठनों के साझा मंच जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा   रायगढ़  ने विधानसभा चुनाव  में  उम्मीदवारों के मुद्दा विहीन होने पर गम्भीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा  है की इससे  धन और बाहुबल के जोर होने का खतरा बढ़ गया है।जो चुनाव आयोग के लिए एक चुनौती है और जनता के भविष्य के लिये गम्भीर खतरा तथा राज्य के सामाजिक एवं सांस्कृतिक ताने बाने  के लिये गहरा प्रश्न चिन्ह है?

जनता काफी परेशान व आक्रोशित है।अपने प्रश्नों सवालो एवं समस्याओं के समाधान की उम्मीद में उम्मीदवार की तलाश कर रही है।मोर्चा का स्पष्ट मानना है कि रायगढ़ जिला पर्यावरण प्रदूषण की खतरनाक सीमा को पार कर डेंजर जोन में पहुंच गया है।लोगों का जीवन ही खतरे में पड़ गया है।चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार श्वांस, लिव्हर, हृदय एवं केंसर के रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।बच्चों और बूढ़ों पर इसका इसका काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।उल्लेखनीय है कि इस प्रदूषण का बुनियादी कारण प्लास्टिक नही है। अतः रायगढ़ जिले की जनता सभी उम्मीदवारों  से प्रदूषण से मुक्ति के लिए वचन नहीं ईमानदारी पूर्ण शपथ की मांग करती है ।

मोर्चा ने यह भी कहा है कि*किसानों एवं कृषि को बचाने के लिये स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने,कृषि भूमि को भूअर्जन से मुक्त करने ,सिंचाई के संसाधनों को समृद्ध करने ,जल जंगल और जमीन, आदिवासियों,वंचितों व दलितों के मौलिक अधिकारों की रक्षा,मुआवजा व विस्थापन नीति को पूरा करने हेतु उम्मीदवार को शपथ बद्ध होना होगा।

पानी का संकट गहराता जा रहा है।केलोडेम बनने के बावजूद डेम से एक बूंद पानी किसानों को नहीं मिल रहा है। शहर के मध्य आते आते केलो मृत प्रायः हो गई है।सवाल यह है कि आखिर डेम किसके लिए बना।  नदी नाले, जलाशयों एवं जलस्त्रोतों को बचाने की ठोस योजना उम्मीदवार को जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए ।यह काफी चिंताजनक है कि छत्तीसगढ़ राज्य  की अपनी कोई जल नीति नही है।राज्य की स्पष्ट जन हितकारी जल नीति होनी चाहिए।

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के संदर्भ में उम्मीदवार,जनता के पास स्पष्ट नीति रखें।शासकीय विद्यालयों एवं अस्पतालों के संसाधनों को समृद्ध करने,छात्रों,युवाओं, एवं महिलाओं के जीवन संवारने,आत्मनिर्भर बनाने हेतु संकल्पबद्ध होना होगा।

मजदूरों, श्रमिकों, मेहनतकशों, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों, आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशावर्कर,मध्यान्ह भोजन कर्मचारियों, लघुवेतन कर्मचारियों,पेंशनर्स, सीनियर सिटीजन,के समस्याओं के समाधान हेतु  प्रतिबद्ध होना हो चाहिए।

संगीत,कला ,साहित्य  संस्कृति एवं पुरातत्व के संरक्षण एवं समृद्धि के लिए सांस्कृतिक वीथिका एवं सांस्कृतिक भवन का निर्माण, तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संस्कृति कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की स्पष्ट नियत और नीति की जरूरत है।

मोर्चा ने जनता से आव्हान किया है कि उम्मीदवारों को उक्त मुद्दे व विषय की पृष्ठभूमि पर अच्छी तरह से आंकलन और मूल्यांकन कर अपना मतदान करें और योग्य प्रत्याशी का चयन करें।

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