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उदयपुर के एसडीएम ने ज्ञापन लेने से किया था इंकार . एसडीएम को हटाया मुख्यमंत्री ने.

अंबिकापुर / 6.03.2019

कल ही 28 किलोमीटर पद यात्रा करके परसा कोल ब्लाक के प्रभावित ग्रामीण जब एसडीएम कार्यालय पहुचे और मांग करने लगे कि एसडीएम ज्ञापन लेने आयें ,लेकिन उन्होंने बाहर आने से इंकार कर दिया था. प्रभावितों ने कार्यालय के बाहर धरना दिया किन्तु अधिकारी ने ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया था.
बड़ी संख्या में पहुचे ग्रामीणों बिना ज्ञापन दिये वापस आना पडा.और यह एलान भी कर दिया कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे।

अब खबर आ रही है कि एसडीएम को उदयपुर से हटा दिया हे .

एसडीएम के इस गैर जिम्मेदार व्यवहार पर छत्त्तीसगढ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ने एक टिप्पणी में कहा कि
ये कहना निराशाजनक नही हैं लेकिन सच्चाई भी हैं कि सरकारो के परिवर्तन से सब कुछ नही बदल जाता।
विशेषरूप से जब संघर्ष लालच, मुनाफे और जीवन जीने के अधिकार के बीच हो …
कारपोरेट लूट बदस्तूर जारी रहती हैं, शासन प्रशासन कारपोरेट के एजेंट की भूमिका में सतत लगा रहता हैं। तपती धूप में धूल के गुबारों के बीच 28 किलोमीटर चलने के बाद भी अधिकारी दफ्तर में होने के बाद भी बाहर आकर आदिवासी ग्रामीणों की बात सुनने से मना कर दे , सोचिए वह उनके अधिकारों के लिए काम क्या करेगा।

यह एक बहुत सामान्य घटना हो सकती हैं लेकिन पांचवी अनुसूची के क्षेत्रों में संवेदनशील प्रशासन की तो कल्पना ही बेमानी हैं।

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