मानव अधिकार

इसिलिये यह संघी आज़ादी के आन्दोलन के खिलाफ अंग्रेजो के साथ खड़े थे इन्हे सबकी आज़ादी से विरोध है

 

 

 

इसिलिये यह संघी आज़ादी के आन्दोलन के खिलाफ अंग्रेजो के साथ खड़े थे इन्हे सबकी आज़ादी से विरोध है

,इन्होने कबीर तक को नहो पढ़ा, नहीं तो वे जानते की कबीर से बड़ा आज़ादी का पक्षधर कोई हुआ ही नहीं है
,इन्हें महिलाओ ,दलितों ,आदिवासियों की आज़ादी से तकलीफ है ,उन्हें लगता है कि९ वे जन्म जात सत्ता के लिया पैदा हुए भाई और अंतिम समय तक सत्ता में रहेंगें . .

 

 

Related posts

प्रोफ़ेसर बुद्ध सिंह और उनका संघी दल ने सरकारी पहल और सरंक्षण में किया बस्तर का दौरा किया

News Desk

सीजीबास्केट : वंचितों के विचारों का साझा मंच . अपील ,आप हमें सहयोग करें.

News Desk

झारखंड में पंचायत ने बेटी को बदचलन कहा, पिता ने जुर्माना भरा और लगा ली फांसी

Anuj Shrivastava