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आॅल इंडिया पीपुल्स फोरम (AIPF) छत्तीसगढ़


प्रेस – विज्ञप्ति.
दुर्ग (भिलाई) , 16 अगस्त. आॅल इंडिया पीपुल्स फोरम (AIPF) की दो दिवसीय (17-18अगस्त) राष्ट्रीय परिषद की बैठक यहां कल से तीर्थराज पैलेस, दुर्ग में आरंभ होगी. बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों में एआईपीएफ की भूमिका एवं भविष्य में लोकतांत्रिक – वामपंथी – प्रगतिशील ताकतों के एकजुट संघर्ष को बढ़ाने के लिए न्यूनतम समान विचारों पर एकजुटता के प्रयास और योजना पर विचार विमर्श किया जाएगा. यह जानकारी एआईपीएफ छत्तीसगढ़ के संयोजक बृजेन्द्र तिवारी ने दी.


बृजेन्द्र तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एआईपीएफ का गठन 2015 में देश में बढ़ती असहिष्णुता, लोकतंत्र में हो रहे हमलों, अल्पसंख्यकों – दलित – आदिवासियों पर बढ़ रहे हमलों, छात्र – नौजवान – महिलाओं – किसान एवं मजदूरों की बदहाल स्थिति एवं बढ़ते कार्पोरेट (पूंजीवादी), सांप्रदायिक ताकतों के हमले के खिलाफ देश भर के लोकतांत्रिक – प्रगतिशील – वामपंथी संगठनों ने एआईपीएफ की स्थापना की.


केन्द्र में पुनः सत्ता में आने के बाद देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को क्रमबद्ध रूप से समाप्त किया जा रहे है. एक के बाद एक दमनकारी कानूनों को पास किया जा रहा है, कश्मीर को पूरी तरह सेना के हवाले कर जनता से किसी भी तरह की राय न लेकर रातों रात धारा 370, 35 ए समाप्त कर कश्मीर को ही दो हिस्सों में बांट कर राज्य की सारी शक्तियां खत्म कर दी गई हैं. बचे-खुचे सार्वजनिक क्षेत्र को भी पूंजीपति के हवाले कर सरकार हर क्षेत्र से अपने हाथ खींच, जनता को पूंजीपति के रहमोकरम पर छोड़ रही है.


ऐसी स्थितियों में देश के लोकतंत्र और संविधान पर ही प्रश्न चिन्ह लग चुका है. एआईपीएफ का प्रयास है कि राष्ट्रीय स्तर पर इन विध्वंसकारी स्थितियों के खिलाफ और देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर तरह की जनपक्षीय ताकतों का एक मंच पर आकर एकजुटता के साथ संघर्ष आज समय की मांग है. इसी पर विचार विमर्श और कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए एआईपीएफ की दो दिवसीय बैठक कल से आरंभ होगी. बैठक का समापन 18 अगस्त को एक कन्वेंशन के माध्यम से होगा जिसे विभिन्न राज्यों में संघर्षरत व्यक्तित्व संबोधित करेंगे. बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, उड़ीसा,बंगाल उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधि भागीदारी करेंगे.

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