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आयोग की टीम से मिलने उमड़ पड़े फरियादी  विभिन्न संगठनों ने जमीन घोटाले में रखा अपना


 

कुनकुनी जमीन घोटाला, मौके पर पहुंची आयोग की टीम, प्रभावितों ने सुनाई अपनी पीड़ा.

राष्ट्रीय अजजा आयोग की टीम आज कुनकुनी जाकर लेगी बयान

आदिवासी जमीन खरीदी बिक्री सहित जाति प्रमाण पत्र का मामला गूंजा

* आयोग की टीम से मिलने उमड़ पड़े फरियादी  विभिन्न संगठनों ने जमीन घोटाले में रखा अपना

पक्ष .

 

 

 

कुनकुनी जमीन घोटाला, मौके पर पहुंची आयोग की टीम, प्रभावितों ने सुनाई अपनी पीड़ा.

राष्ट्रीय अजजा आयोग की टीम आज कुनकुनी जाकर लेगी बयान

आदिवासी जमीन खरीदी बिक्री सहित जाति प्रमाण पत्र का मामला गूंजा

* आयोग की टीम से मिलने उमड़ पड़े फरियादी  विभिन्न संगठनों ने जमीन घोटाले में रखा अपना

पक्ष .

 [22.06.2017]

[ नईदुनिया और पत्रिका की रिपोर्ट ]

 

रायगढ़। 300 एकड़ कुनकुनी जमीन घोटाले की जांच के लिए आयोग की टीम अभी मौके पर पहुुंच चुकी है। ग्रामीणों से बातचीत शुरू हो गई हैए वहीं ग्रामीण आयोग के सदस्यों को अपनी पीड़ा भी सुना रहे हैं। टीम में पांच सदस्य शामिल हैं। फिलहाल मौके का निरीक्षण किया जा रहा है।

 

बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण मौके पर मौजूद हैं और अपनी बात को आयोग के सामने रख रहे हैं। एक महिला ने आयोग के सदस्यों को बताया कि उसकी जमीन ले ली गई है पर आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। वहीं एक और ग्रामीण ने भी ऐसी ही व्यथा आयोग के सदस्यों को सुनाई।

 

फिलहाल आयोग के सदस्य रेल कारिडोर के तहत बिछ रही रेल लाइन के इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण व प्रभावित वहां मौजूद हैं। विदित हो कि खरसिया के कुनकुनी गांव में 300 एकड़ आदिवासी जमीन की रसूखदारों ने जमकर लूट मचाई है। इस मामले को पत्रिका में उठाए जाने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इसे संज्ञान में लिया है।

 

ऐसे में आयोग की पांच सदस्यीय टीम मामले की जांच के लिए रायगढ़ पहुंच चुकी है। बुधवार को आई टीम ने शाम के समय अन्य लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्या को सुनी। इस मुलाकाता के दौरान लगभग 600 और प्रकरण जो कि आदिवासी जमीन और धारा 170 ख से संबंधित हैं को आयोग के सदस्यों को सौंपा गया है। ये मामले जिले के धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार ब्लाक के हैं। जहां उद्योगों और खदानों में आदिवासी जमीन की जमकर लूट मचाई गई है।

 

इसमें किसी ने इसके बाद गुरुवार को टीम मौका निरीक्षण के लिए कुनकुनी गांव पहुंच चुकी है। आयोग के टीम के कुनकुनी गांव आने की खबर मिलते ही ग्रामीणों का समूह कुनकुनी के सामूदायिक भवन में उमड़ पड़ा था। लगभग 11 बजे के आसपास टीम वहां पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों से थोड़ी देर बात की गई और फिर टीम मौका के निरीक्षण के लिए निकल गई है। वर्तमान में रेल लाइन के किनारे के इलाकों का निरीक्षण किया जा रहा है।

 

दिलवाई जाएगी जमीन वापस- बुधवार की शाम को शहर के सर्किट हाउस में अनुसूचित जनजाति आयोग के टीम के सदस्य ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं होगा। आदिवासी किसानों के साथ हुई घटना में अगर मौके पर जमीन है तो कार्रवाई पूरी होने के बाद आदिवासी किसानों को जमीन वापस दिलाई जाएगी।

वहीं जमीन में निर्माण होने की स्थिति में कार्रवाई के साथ जमीन के बदले जमीन दिलवाई जाएगी। अनुसूचित जनजाति आयोग के टीम में हर्षद भाई चुन्नीलाल बसावा, संचालिका केडी बंसोड़, सहायक निदेशक एसके दूबे, सलाहकार एसके शुक्ला, सत्यदेव शर्मा, अनुसंधान अधिकारी पीके दास आदि शामिल हैं।

[Patrika]

 

राष्ट्रीय अजजा आयोग की टीम आज कुनकुनी जाकर लेगी बयान

[ 22 Jun 2017 04:00 AM ]

नई दुनिया

*आदिवासी जमीन खरीदी बिक्री सहित जाति प्रमाण पत्र का मामला गूंजा

* आयोग की टीम से मिलने उमड़ पड़े फरियादी  विभिन्न संगठनों ने जमीन घोटाले में रखा अपना

पक्ष .

 

रायगढ़ । नईदुनिया प्रतिनिधि शहर में राष्ट्रीय अजजा आयोग के सदस्य हर्षदभाई चुन्नीलाल बसावा व संचालक केडी भंसोर, आरके दुबे सहायक संचालक, एसके शुक्ला व सत्यदेव शर्मा सलाहकार शहर पहुंचे।

*आदिवासी जमीन खरीदी बिक्री सहित जाति प्रमाण पत्र का मामला गूंजा

*आयोग की टीम से मिलने उमड़ पड़े फरियादी

*विभिन्न संगठनों ने जमीन घोटाले में रखा अपना पक्ष

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रायगढ़ । नईदुनिया प्रतिनिधि

 

शहर में राष्ट्रीय अजजा आयोग के सदस्य हर्षदभाई चुन्नीलाल बसावा व संचालक केडी भंसोर, आरके दुबे सहायक संचालक, एसके शुक्ला व सत्यदेव शर्मा सलाहकार शहर पहुंचे। उनके सर्किट हाउस में पहुंचने की खबर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पहुंच कर अपनी-अपनी पीड़ा सुनाई। दरअसल राष्ट्रीय अजजा आयोग की टीम कुनकुनी मामले में जांच के लिए पहुंची है। गुरुवार को टीम कुनकुनी पहुंच कर कुनकुनी आदिवासी जमीन घोटाले के पीड़ित किसानों से मुलाकात कर बयान लिपिबद्घ करेगी। इस दौरान सर्व आदिवासी संगठन द्वारा जिले में व्यापक पैमाने में आदिवासी जमीन मामले को लेकर मुलाकात किया।

 

सर्किट हाउस में सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोग के समक्ष आदिवासियों के विभिन्न मुद्दो को उठाया। जिसमें आदिवासी की जमीन आदिवासी मानकर खरीद लिया जाता है लेकिन जब न्यायालय में प्रकरण पंजीबद्घ होता है तो न्यायालय आदिवासी न होने की बात कहते हुए इसे खारिज कर दिया जाता है। जिले में बाहरी लोग आकर आदिवासियों की जमीन को छलकपट कर औने पौने दाम पर खरीद लिया जाता है। आदिवासियों की जमीन पर लगे कल कारखाने में आदिवासियों को भी हिस्सा दिए जाने की मांग की गई और जब फैक्ट्री बंद हो तब आदिवासी जमीन जिस स्थिति में ली गई थी उस स्थिति कर उसे वापस दिया जाए।

सर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रदेश में 2003 से संवरा, सवरा, कोंध समेत 22 प्रकार के आदिवासियों के जाति प्रमाण पत्र न बनने का मामला भी रखा। सर्व आदिवासी के नेताओं ने पूछा कि आखिर कब तक आदिवासियों के साथ छलावा होता रहेगा। शिक्षा में भी आदिवासियों के साथ छलावा हो रहा है आदिवासी अपने बच्चे को अच्छे बड़े स्कूल में दाखिला कराना चाहता है लेकिन उसके बच्चे को स्कूल में दाखिला नहीं दिया जाता है।

 

* गुरुवार को जाएंगे कुनकुनी लिपिबद्घ करेंगे बयान

 

राष्ट्रीय अनुसूचिजन जाति आयोग की टीम गुरुवार को प्रदेश के सबसे चर्चित आदिवासी जमीन घोटाले की जांच में पहुंचेगा। आयोग के सदस्य हर्षदभाई चुन्नीलाल बसावा सहित, संचालक केडी भंसोर, आरके दुबे सहायक संचालक समेत सलाहकार एसके शुक्ला व सत्यदेव शर्मा भी मौजूद रहेंगे। कुनकुनी मामले को लेकर आयोग के सदस्य हर्षद भाई ने बताया कि आयोग के समक्ष कुनकुनी आदिवासी जमीन की शिकायत पहुंचने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया है इस मामले में अधिकारियों के बयान व उनसे जानकारी लेने के बाद आयोग ने फैसला किया है कि वे अब कुनकुनी जाकर पी़िड़तों से मुलाकात करेंगे और उनके बयान दर्ज करेंगे।

 

* सच निकालने लगा देंगे पूरी ताकत

 

आयोग की टीम ने यह भी कहा कि वे आदिवासी मामले से जुड़ी जो भी शिकायतें प्राप्त होंगी उन पर तातक लगाकर काम किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि कुनकुनी मामले का सच निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे ताकि आदिवासियों को न्याय मिल सके। आयोग की टीम ने कहा कि वे कुनकुनी मामले में मौका स्थल का निरीक्षण करेगी पीड़ितों गवाहों का बयान दर्ज कर अपना निरीक्षण प्रतिवेदन आयोग के समक्ष रखा जाएगा।

 

जन चेतना मंच ने 170 ख के 615 प्रकरण रखा

 

जन चेतना मंच की ओर से राजेश त्रिपाठी व सविता रथ द्वारा जिले के रायगढ़, घरघोड़ा, खरसिया व धरमजयगढ़ ब्लॉक के आदिवासी जमीन घोटाले की पूरी फाइल आयोग के समक्ष रखी गई। साथ आयोग से इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा किया गया। सामाजिक संगठन द्वारा 170 ख से जुड़े 615 प्रकरण आयोग के समक्ष रखा जिसमें आदिवासियों की 832 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन उद्योगों द्वारा दबा कर रखी गई है।

 

जिसमें बड़ी संख्या में मामले बेनामी अंतरण के हैं जिन पर मामला सालों से लंबित है लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने आयोग की टीम को बताया कि उद्योगों को कोल ब्लॉक में आदिवासियों की जमीन को दुसरे राज्य के आदिवासियों के नाम पर फर्जी तरीके से खरीदी गई है जो सीधे तौर पर धारा 170 ख का सीधा-सीधा उल्लंघन है। जिले के सैकड़ों आदिवासी परिवारों का इस फर्जीवाड़े की वजह से जीवकोपार्जन छीन गया है।

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[नईदुनिया दिनाक 23.06.2017]

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