18 अगस्त 2019 ; समय : संध्या 5 बजे स्थान : इप्टा कार्यालय , sv – 13 , गली नंबर 2 , सिदधि विनायक कॉलोनी , रायगढ़
बा और बापू के जन्म की 150वीं वर्ष गांठ से संबन्धित कार्यक्रम के आयोजन की कड़ी में उपरोक्त तिथि , समय और पते पर संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है । इस संगोष्ठी में गांधी जी द्वारा लिखित बहुचर्चित पुस्तक ‘ हिन्द स्वराज ‘ केंद्र में होगा । जैसा कि हम जानते हैं कि इस पुस्तक में उनके सपने के भारत और विश्व का स्वरूप दृष्टिगोचर होता है । पुस्तक प्रश्नोत्तर शैली में लिखी गई पर इसमें बहुत संक्षिप्त और तर्क पूर्ण ढंग से गांधी जी के विचारों की रूपरेखा उभरती है । यह पुस्तक उस समय की है जब उनकी उम्र मात्र 40 की थी और दुनिया उन्हें आज जिस रूप में जानती है ; नहीं जानती थी । बाद में इस पुस्तक ने गांधी जी को समझने का आधार प्रस्तुत किया ।
इस पुस्तक माध्यम से गांधी जी ने संसद और न्यायपालिका जैसी संस्था पर भरोसा नहीं जताया था । ऐसा क्यों , आखिर वे क्या चाहते थे और क्यों ? कई तरह के सवाल उभरते हैं । इस पर बहुतों विचारा है और उनके इन विचारों को जीवन में उतारने का प्रयत्न भी किया है । पर विचारने की प्रक्रिया कभी भी खत्म नहीं होती । इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान और भविष्य के सापेक्ष उनके विचारों हमेशा पड़ताल करते रहने की जरूरत है ।
इस संगोष्ठी भागीदार होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं ।
**