आंदोलन राजनीति शासकीय दमन

आपातकाल : सीताराम येचुरी ने अरूण जेटली को संघ प्रमुख के माफीनामे और इंदिरा गांधी के समर्थन की याद दिलाई .

27.06.2018

आपातकाल पर येचुरी ने दिया जेटली को करारा जबाव, .. जेटली के ट्वीट पर रिट्वीट कर इंदिरा को लिखे संघ के पत्र की दिलाई याद …
नई दिल्ली । सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी ने मंगलवार को रिट्वीट करते हुए केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के आरोपों का जवाब दिया है। आपातकाल के दौरान हुए आंदोलन में सीपीआई-एम की भूमिका पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के आरोपों के जवाब में पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन प्रमुख द्वारा इंदिरा गांधी को समर्थन देते हुए लिखे गए पत्र की याद दिलाई है. येचुरी ने मंगलवार जेटली को आपातकाल के दौरान संघ प्रमुख द्वारा गांधी को समर्थन देने और जेल से रिहाई का अनुरोध करने के लिए लिखे गए दो पत्रों की याद दिलाते हुए कहा कि ये पत्र इतिहास में दर्ज हैं.
विदित हो कि जेटली ने आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में सीपीआई-एम की सक्रिय भूमिका नहीं होने का आरोप लगाया था. इसके जवाब में येचुरी ने ट्वीट कर कहा ”अरुण जेटली जी और मैं छात्रों की उस पीढ़ी का हिस्सा था, जिसने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष कर देश में लोकतंत्र को बचाने का काम किया था. अब भाजपा आरएसएस की सरकार में संस्थागत आपातकाल के दौर में मेरा संघर्ष अभी भी जारी है.” बीजेपी पर इतिहास को मिटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन में सीपीआई-एम कार्यकर्ताओं का बलिदान इतिहास का हिस्सा है.
एक अन्य ट्वीट में येचुरी ने कहा ”इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना उनका (बीजेपी) काम है. देश में लोकतंत्र की बहाली के संघर्ष में सीपीआई-एम का संघर्ष और बलिदान इतिहास में दर्ज है.” उन्होंने कहा, ”इतिहास में आरएसएस प्रमुख के दो पत्र भी दर्ज हैं, जिनमें से एक में इंदिरा गांधी के 20 सूत्री एजेंडे को समर्थन दिया गया था और दूसरे पत्र में जेल से रिहाई की गुहार लगाई गई थी.”
मालूम हो कि जेटली ने सोमवार को ट्वीट कर वामदलों की आलोचना करते हुए कहा था एक तरफ सीपीआई-एम आपातकाल की निर्लज्ज समर्थक थी, हालाकि, सीपीएम सैद्धांतिक तौर पर आपातकाल के विरोध में थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार की इस मुहिम के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भागीदारी नहीं की थी.

**

Related posts

बैक डेट पर कर्मचारियों ने फाड़ा पीओआर , गवाहों का नाम भी दर्ज किया फर्जी

News Desk

ज्यां द्रेज से क्यों डरती है सरकार ःः उत्तम कुमार.

News Desk

118 दिन से अनशन ःः सरकार शांतिपूर्ण, अहिंसक रास्ते पर चलने वाले लोगों से बात नहीं करती ःः  जीवन की चिंता है तो सरकार बात करें ! ःः स्वामी शिवानंद

News Desk