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अरपा का उद्गम बिक रहा है – एक पानी परंपरा दफ़न हो रही है – हम बेबस हैं . नवल शर्मा .

नदी अरपा कभी यहां से बहती थी . पेंड्रा गांव का एक बाहरी मुहल्ला है अमरपुर , यहां की दलदली ज़मीन से रिसते पानी ने आगे की राह पकड़ कर अरपा नदी का नाम पा लिया होगा . आज यहां धान के खेत बन गये हैं , ज़मीन पाट दी गयी है . सरकारी दस्तावेजों ये ज़मीन निजी भूमि है , इसलिये बेची जा रही है . अरपा का उद्गम बिक रहा है – एक पानी परंपरा दफ़न हो रही है – हम बेबस हैं . सरकार कुछ करने से रही.


नवल शर्मा.

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