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अमर शहीद बालक दास की कुर्बानी और महंत भुजबल को याद किया नवलपुर समाधी पर .

बेमेतरा ,नवलपुर . 26.03.2019

 

सतनाम समाज के महान क्रांतिकारी शहीद बालक दास की समाधि पर आज समाधि मेला और आयोजित किया गया .नवलपुर वही ग्राम है जहाँ लोक समाज की रोटी और सम्मान के लिये महान संत गुरूघासीदास के पुत्र और उत्तराधिकारी बालक दास शहीद हुये और उनका कफन दफन किया गया था .
गुरू घासीदास सेवादार संघ ने शोध करके उनके शहीद स्थल को चिन्हांकित करके उनके इतिहास और कार्यों को स्थापित किया और पिछले बारह साल से समाधि स्थल पर मेला और विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन करते रहे है.

जीएसएस के अध्यक्ष और केन्द्रिय संयोजक लखन लाल कुर्रे सुबोध ने बताया कि सतनाम आंदोलन 1820 में शुरु हुआ जिसमज भू दासों ने अपनी जमीनों पर हक और कब्जा करना शुरू किया इससे अंग्रेजी राज्य और दमनकारीयों में खलबली मच गई क्योंकि वे मानकर चल रहे थे कि एक दिन सतनामियों को जमीन से बेदखल करके दुबारा गुलाम बना लेंगे .गुरू बालकदास के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन ने पूरी व्यवस्था को हिला दिया था .

गुरू बालकदास बहादुरी के साथ सतनामी और अन्य शोषित तबकों में अन्याय का मुकाबला करते हुये अपने स्वाभिमान के साथ रामत रावटी निकाला करते थे , इस स्थिति में गहरा षड्यंत्र रचा गया और बाहरी तथा सतनामी समाज के भितरघातियों ने मिलकर 17 मार्च 1860 को उनकी हत्या कर दी.


पिछले बारह साल से जीएसएस के तत्वावधान में नवलपुर मे समाधि मेला और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाने लगे.समिति की योजना है कि यहाँ भव्य स्मारक के साथ स्कूल और पुस्तकालय बने जिससें सभी लोग शिक्षित हों और अपने इतिहास से रूबरू हो सकें.

गुरुबालकदास समाधि एवं साहेब भुजबल महंत स्मारक निर्माण व्यवस्थापन समिति नवलपुर (छ.ग.) के तत्वाधान में गुरुघासीदास विचार शोध संस्था( GVSS) के शोध तथ्य प्रकाश एवं गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) के नेतृत्व में सफल आयोजन के 12 वें वर्ष में 26 मार्च 2019 को लोक समाज के रोटी व सम्मान की सुरक्षा के लिए शहीद हुए बलिदानी राजा गुरुबालकदास की समाधि भूमि नवलपुर (जहां उनका अंतिम कफ़न-दफन हुआ था) कि स्मृति में समाधि -मेला में गुरुबालकदास को याद किए गए ,समाधि मेला में गुरुबालकदास के शहादत को याद करते हुवें जुलूस निकाल कर झंडा व गुरुबालकदास के छाया चित्र को ससम्मान के साथ उनके समाधि स्थल तक लाया गया व पुष्पहार से माल्यार्पण किया गया।

इस उपरांत gss केंद्रीय संयोजक -लखन ‘सुबोध’ जी, Pucl पूर्व अध्यक्ष डा. लाखन सिंह ,सुश्री रिनचिन(लेखिका सोशल एक्टिवस्ट ( छ. ग.) ,सुश्री दुर्गा झा (प्रखर महिला नेत्री, रायपुर), बी. सी. जाटव जी (जन संगठक रीटा. बैंक अधिकारी बिलासपुर) pucl के उपाध्यक्ष कलादास डहरिया लोककलाकार( रेला) क्रांतिकारी गीतों के रचनाकार साथ मे pucl सुश्री पुष्पा कलाप्रेमी जी व उनके साथ मौजूद साथी ,gss के केंद्रीय व जिला समिति के तमाम सेवादार साथी ,समस्त ग्रामवासी,कलाकार साथी व दूर दराज से आये लोग भी इस उपरांत उपस्थित थे ।


गुरुबालकदास समाधि भूमि व भुजबल महंत साहेब के कर्म भूमि को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में निर्माण करने का भी संकल्प लिया गया।ताकि इन जननायकों की किये कार्यों व कुर्बानी को दुनिया जान सकें।

 

 

https://youtu.be/yktsNW5OBxo

 

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