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अदानी हर जगह विवादों में बस्तर से लेकर आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड तक.

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

एनसीएल कुछ सीईओ ने कहा हम जनता और पंचायतों से बात करेंगे .

पत्रिका न्यूज नेटवर्क patrika . com रायपुर . छत्तीसगढ़ के बैलाडीला से लेकर आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड तक अडानी ग्रुप विवादों में घिरा हुआ है । एक तरफ जहां बैलाडीला में आदिवासी ग्रामीणों ने अडानी को मिले डिपाजिट 13 को देवी देवताओं स्थान बताते हुए खनन न करने देने की ठानी है वहीं दूसरी तरफ आस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड की कारमाइकल खदान जिसका आवंटन महज 24 घंटे पहले अडानीको हुआ है , चिड़ियों की एक प्रजाति और एक नदी के कारण विरोध की वजह बनी हुई है । पर्यावरणविदों का कहना है कि अगर कारमाईकल में माइनिंग शुरू हुई तो 60 सालों में अडानी की खदाने 200 लाख कार्बन डाई आक्साइड उगलेंगी और इससे पार्सन फिंच नाम की चिडिया और बेल्याडो नदी के अलावा भूगर्भीय जल को भारी नुक्सान होगा .

हर तरफ मुश्किलों में अदानी .

दुनिया भर के 50 देशों में काम करने वाले अडानी ग्रुप के लिए पिछली एक सप्ताह काफी चुनौतियों भरा रहा है । छत्तीसगढ़ में जहां आदिवासियों के प्रबल विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने खनन न करने के आदेश के साथ – साथ पंचायतों की जांच के आदेश दिए , वहीं दूसरी तरफ आस्ट्रेलिया में प्रमुख चुनावी मुद्दा बनी कारमाइकल खदान तो कई वर्षों के कोशिशों के बाद अडानी की हो गई है , लेकिन पर्यावरणप्रेमी पीछे हटने को तैयार नहीं है । अडानी ने आस्ट्रेलियन सरकार को चिड़ियों और झील को विलुप्ति से बचाने के लिए एक योजना प्रस्तुत की थी , जिसे मंजूरी मिल गई है ।इधर छत्तीसगढ़ में डिपाजिट 13 में काम बंद करने के राज्य सरकार के आदेश के बाद एनएमडीसी और सीएमडीसी के संयुक्त उपर म एनसीएल के सीईओ वी एस प्रभाकर ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा है कि हमें विश्वास है कि हम बैलाडीला की जनता को विश्वास में ले सकेगे और वहां काम शुरू हो सकेगा । फिलहाल हम कोशिश कर रहे हैं कि सितम्बर तक भूमि स्थानान्तरण का काम पूरा हो जाये.

कहीं मुश्किल कहीं आसानी

छत्तीसगढ़ में बैलाडीला प्रोजेक्ट की डिपाजिट 13 को लेकर 35 ग्रामसभाओं की सहमतियों और पेड़ की कटाई की जांच राज्य सरकार ने दिए हैं । एनसीएल अधिकारियों का कहना है कि बिना वन विभाग की जानकारी के कोई कटाई नहीं हुई है । छत्तीसगढ़ से इतर क्वींसलैंड में पर्यावरण समर्थक अब भी अड़े हुए हैं कि यहां पर खनन करने से जबरदस्त संकट पैदा हो जाएगा । उनका कहना हैं कि इस खदान से 200 मिलीयन टन
आक्साइड पैदा होगा । छत्तीसगढ़ की बैलाडीला माइंस से कितने रोजगार पैदा होंगे , इसको लेकर न तो एनसीएल और न ही अडानी इंडस्ट्रीज ने अब तक कोई घोषणा की है । वहीं दूसरे देश में अडानी ग्रुप ने साफ कहा है कि कारमाईकल खदान में 1500 और उससे जुड़े अन्य कार्योँ में 6750 लोगों को रोजगार मिलेगा.

गौतम बंदोपाध्याय , नदी घाटी मोर्चा कहते है

कि निस्संदेह दुनिया के अन्य देशों | में पर्यावरणीय नियम ज्यादा कठोर हैं । यह प्रोजेक्ट केवलपर्यावरण पर नहीं संस्कृति पर भी प्रतिकूल असर डालेगा । अभी भी छत्तीसगढ़ की बैलाडीला और आस्ट्रेलिया की कारमाइकल माइंस को लेकर अडानी को संघर्ष करना पड़ेगा .

और वीएस प्रभाकर , सीईओ , एनसीएल

कहते है कि बैलाडीला के लिए हमने राज्य सरकार से निवेदन किया है कि हमें पंचायत प्रतिनिधि से बात करने दी जाए । हम उनकी मांगों को सुनना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि हमारी क्या । योजना है । हमें उम्मीद है कि जल्ट ही राज्य सरकार द्वारा कराई गई जांच के नतीजे आ जाएंगे ।

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