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अंजलि-आर्यन लव जिहाद मामला,आज होने वाली कार्यवाही कुछ समय के लिए टल गई है

अंजलि इब्राहिम प्रेम विवाव के मामले में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि पिछले लगभग आठ महीने से सखी सेंटर रायपुर में रखी गई अंजलि जैन को उसकी मर्ज़ी के शख्स के साथ वो जहाँ जाना चाहे वहां भेज दिया जाए। इस प्रक्रिया के लिए दोनों पक्षों को इत्तला करने के बाद 24 घंटे के का समय तय किया गया था। कोर्ट के आदेशानुसार फ़ोन से या किसी अन्य माध्यम से दोनों पक्षों को सूचित करने की बात कही गई थी।

अंजलि के पति आर्यन को फ़ोन से सूचना दे दी गई। कोर्ट का आदेश आने के बाद से ही अंजलि जैन के पिता व परिवार के अन्य लोग फ़ोन बन्द कर तथा घर मे ताला लगाकर ग़ायब हो गए। पुलिस ने आदेश की प्रति घर के बाहर चस्पा कर उसकी वीडियोग्राफी की है। sms और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचना भेज दी गई है। अंजलि के चाचा को, जिनकी तरफ़ से FIR दर्ज की गई है, सखी सेंटर स्टाफ़ ने फ़ोन पर उन्हें इस आदेश की सूचना देने के लिए जब कॉल किया तो उन्होंने कहा कि इस मामले से मुझे अब कोई लेना देना नहीं है।

आज दोपहर एक बजे ये कार्यवाही होनी थी। अंजलि के वकील और पति आर्यन कार्यवाही के लिए सखी सेंटर में मौजूद थे परंतु सूचना मिल जाने के बावजूद भी अंजलि के पिता या परिवार से कोई अन्य सदस्य उपस्थित नहीं हुआ।

कुछ देर बाद एक शख्स जो अपने को अंजलि के पिता का भांजा बता रहा था, सखी सेंटर पहुँचा। उनकी तरफ से कहा गया कि लड़की के पिता व परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में हैं, उनकी अनुपस्थिति में ये कार्यवाही करना ग़लत है। उन्होंने आपत्ति का एक आवेदन थाना सिटी कोतवाली और सखी सेंटर में जमा कराया है।

अंजलि के वकीलों ने कहा कि उन्हें पिता अशोक जैन की तरफ़ से ऐसी किसी बदमाशी की आशंका पहले ही थी। वकीलों ने कहा कि अंजलि की आज़ादी बाधित करने की ये एक चाल है। उन्होंने ये भी कहा कि परिवार की तरफ़ से एक सदस्य यदि यहां आपत्ति दर्ज कराने आया है इसका सीधा मतलब यही है कि परिवार को सूचना मिल चुकी है। परिवार का इस तरह से फ़ोन बन्द कर के ग़ायब हो जाना न्यायिक कार्यवाही में बाधा पहुचाने की नीयत से ही किया गया है। अंजलि के वकीलों ने कहा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाना चाहिए।

कोर्ट के आदेशानुसार अंजलि की मर्ज़ी जानने के लिए जो बयकन लिया गया है उसमें उसने अपने पारी आर्यन के साथ जाने की इच्छा जताई है।

फिलहाल आज एक बजे होने वाली कार्यवाही जिसमें अंजलि को उसकी मर्ज़ी से जाने दिया जाना था, कुछ समय के लिए टल गई है। कार्यवाही कुछ घंटों बाद कि जाएगी या कुछ दिन इसे और टाला जाएगा वो स्थिति अभी साफ़ नहीं हो पाई है

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