12.11.2017 स्वामी विवेकानंद को उनके जिस शिकागो भाषण के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है, उसका पुनर्पाठ होना चाहिए। मैंने 1977 में उस भाषण को पढ़ा था, जिसे श्रीरामकृष्ण आश्रम, नागपुर ने “शिकागो वक्तृता ” शीर्षक से छापा था। आज मैंने उस भाषण को फिर से पढ़ा। सच कहूँ, मुझे वह झूट का पुलिंदा
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