⭕ मित्रो, आज समूह पर प्रस्तुत हैं समूह की साथी *प्रतिभा गोटीवाले* की कविताएँ. कविताएँ पढ़ें और इन पर बात ज़रूर करें.. दस्तक में आज प्रस्तुत अनिल करमेले *|| अग्नि परीक्षा ||* तुम ने कहा प्रेम और मैंने मान लिया तुमने कहा समर्पण मैंने वो भी मान लिया पर जब मैंने दोहराया प्रेम तुमने कहा
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