अमेरिका ने कहा कि भारत और चीन सीधे बातचीत से सीमा विवाद हल करें , भारत की छवि हमेशा से विश्व शांति के लिए प्रतिबद्ध देश की रही है और हम सारी दुनिया को शांति का संदेश देते रहे हैं, लेकिन आज विश्व बाजार और साम्राज्यवाद ही है जो युद्वोन्माद पैदा करने वाली ताकतों को प्रोत्साहित करता है ताकि उसका शोषण जारी रहे 
————
युद्ध होता है ,
सरकारें नहीं ,सैनिक लड़ते हैं युद्ध ,
राजा नहीं ,प्रजा लडती है युद्ध .
कुछ सैनिक इस देश के मरते हैं ,
कुछ सैनिक उस देश के मरते हैं ,
फिर ,
सुलह होती है ,
समझौता होता है ,
संधि होती है ,
और सब शांत हो जाता है ,
अघटित सा .
…..
लेकिन इतना भर ही नहीं है युद्ध ,
युद्ध बहुत सारे काम करता है ,
युद्ध राजनीति भी करता है ,
युद्ध महंगाई को न्यायोचित ठहराता है ,
युद्ध गड़बड़ाते हुए जनाधार को रोकता है ,
युद्ध गिरती हुई साख को थामता है ,
युद्ध खिसकती हुई कुर्सी को संभालता है ,
युद्ध घोटालों को भुलवा देता है ,
युद्ध जासूसी काण्ड को छुपा देता है ,
युद्ध सुसाइड नोट को दबा देता है ,
युद्ध तड़ीपार को बचा देता है ,
युद्ध ध्यान भटका देता है ,
…..
युद्ध होते नहीं हैं ,
युद्ध निर्मित किये जाते हैं ,
युद्ध गढ़े जाते हैं .
…..
उसके चरित्र की भी परिभाषा की जाए ,
जो इस देश को भी हथियार बेचता है ,
जो उस देश को भी हथियार बेचता है
और फिर ,
दोनों से कहता है – ”शान्ति से रहना सीखें”
**

नन्द कश्यप

CG Basket

Related Posts

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account



%d bloggers like this: