सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ मुखर तर्कशील पत्रकार गौरी लंकेश की निर्मम हत्या की हम निंदा करते है-  छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून संघर्ष समिति

सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ मुखर तर्कशील पत्रकार गौरी लंकेश की निर्मम हत्या की हम निंदा करते है- छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून संघर्ष समिति

रायपुर, 8 सितंबर 2017।
कर्नाटक में सांप्रदायिक ताकतों तथा अंधश्रद्धा के खिलाफ मुखर आवाज वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की निर्मम हत्या कर दी गई, यह हत्या ठीक उसी तरह से की गई है जिस तरह से कलबुर्गी, दाभोलकर और पानसारे की हत्या की गई थी। बड़े मुर्ख हैं दक्षिणपंथी , सांप्रदायिक , धर्मांध कट्टरपंथी विचारधारा के टट्टू जो विचारधारा को गोलियों से खत्म करना चाहते हैं। ये कायर हैं जो अब एक महिला की सशक्त आवाज से डर गए। गौरी लंकेश अब , दाभोलकर, कलबुर्गी और पानसारे जैसे धार्मिक कट्टरपंथ व अंधश्रद्धा के खिलाफ लड़ने वाले अमर शहीदों की कतार में शामिल हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा संयुक्त संघर्ष समिति इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए दोषियों को अतिशीघ्र पकड़े जाने और उन्हें सख्त सजा देने की सरकार से मांग करती है। असल में यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा तर्कशील बौद्धिकता की हत्या है। यह समस्त प्रगतिशील, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष व वैज्ञानिक सोच के समर्थक लोगों के लिए एक खतरे की घंटी है जो कि सामूहिक रूप से वर्तमान असहिष्णु व गैरप्रजातांत्रिक माहौल के खिलाफ प्रतिरोध की मांग करती है।

विदित हो कि गौरी लंकेश, ’’गौरी लंकेश पत्रिके’’ नामक कन्नड साप्ताहिक पत्रिका की संपादक थी। इसके साथ ही वे अन्य प्रकाशनों से भी जुड़ी हुई थीं। यह पत्रिका कोई विज्ञापन नहीं लेती थी और 50 व्यक्तियों के एक समूह द्वारा शुरू की गई थी। अपनी लेखनी के जरिए वे हमेशा सांप्रदायिक ताकतों व जातिवादी व्यवस्था के खिलाफ प्रहार करती रहती थीं। वे कट्टर हिंदूवादी राजनीति व फासीवाद के खिलाफ हमेशा संघर्ष करती रहीं। और यही उनकी मृत्यु का कारण बना। वे प्रसिद्ध कवि व पत्रकार व ’’लंकेश पत्रिके’’ के संस्थापक पी लंकेश की पुत्री थीं। हम प्रेस की आजादी व धर्मनिरपेक्षता की दृढ़ समर्थक गौरी लंकेश की जीवटता को सलाम करते है। इस घटना के दूसरे ही दिन बिहार में अपराधी तत्वों द्वारा फिर एक पत्रकार पंकज मिश्रा की हत्या यह बताती है कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी समाप्ति की ओर है । देश मे इस तरह आवाज कुचलने की कोशिश की पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति कड़ी निंदा करती है ।

संयोजक
कमल शुक्ला
छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून संघर्ष समिति
छत्तीसगढ़
09/09/2017

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