राजभवन सन्देश भेजा गया लेकिन राज्यपाल ने किसानों से मिलने इंकार कर दिया । इससे किसान उग्र होकर नारेबाजी करते रहे – छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ –

राजभवन सन्देश भेजा गया लेकिन राज्यपाल ने किसानों से मिलने इंकार कर दिया । इससे किसान उग्र होकर नारेबाजी करते रहे – छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ –

9.8.17 रायपुर

आज रायपुर में छत्त्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ की विधायकों कुर्सी छोडो रैली को राजभवन जाने से पुलिस ने आकाशवाणी के पहले ही रोक दिया । किसान आकाशवाणी चौक के पहले नाराज होकर अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए । इस दौरान लगातार नारेबाजी होती रही ।

राजभवन सन्देश भेजा गया लेकिन राज्यपाल ने किसानों से मिलने इंकार कर दिया । इससे किसान उग्र होकर नारेबाजी करते रहे । अंततः पुलिस ने 500 किसानों को गिरफ्तार कर लिया और खुली जेल बनाकर किसानों को घेरे में ले लिया । गिरफ्तार होनेवालों में किसान महासंघ के संयोजक मण्डल सदस्य सहित लगभग 125 गांवों के किसान शामिल थे ।  गिरफ्तार किये गये किसानों को सुभाष स्टेडियम के पास निशर्त रिहा कर दिया गया।

धरना में झलका आक्रोश

इसके पूर्व सुबह 11 बजे से 28 किसान संगठनों के किसान प्रदेश भर से सुभाष स्टेडियम के पास एकत्रित होकर धरने पर बैठे । किसानों को किसान महासंघ के नेताओ रूपन चन्द्राकर, नया रायपुर, कामता रात्रे, बरोदा, नया रायपुर,  तेजराम विद्रोही बेलटुकरी राजिम, प्रभाकर ग्वाल सराईपाली, रिंकू चन्द्राकर, छटेरा आरंग, जागेश्वर चन्द्राकर महासमुंद, रवि ताम्रकार, बोरइ दुर्ग, गिरधर चन्द्राकर दुर्ग, आलोक शुक्ला, रायपुर, भानु चन्द्रा, डभरा, चंद्रपुर, अनिल सिंह बघेल बिलासपुर, पप्पू कोसरे जोरा रायपुर, वीरेंद्र पांडे, रायपुर, एस आर नेताम कांकेर, गजानन चन्द्राकर, मुंगासेर, महासमुन्द, द्वारिका साहू, रीवा, आरंग, महेंद्र साहू, तिल्दा पारसनाथ साहू, भिलाई ,डॉ संकेत ठाकुर आदि ने संबोधित किया । कलादास डहरिया के नेतृत्व में क्रांति गीत रैला के सदस्यों ने धरना के दौरान प्रस्तुत कर किसानों में जोश भरा ।

आज के धरना के दौरान सभी वक्ताओं ने भाजपा सरकार की किसानों के साथ वादाखिलाफी की जमकर निंदा की और आक्रोश जताया कि दो माह से आंदोलनरत किसानों की और राज्य सरकार ने कोई ध्यान नही दिया । भाजपा कांग्रेस के विधायकों से मिलने केबाद भी विधानसभा का सत्र मात्र ढाई दिनों के भीतर कर दिया गया जिससे स्पष्ट है कि दोनों पार्टियां  किसानों के प्रतिनिधि बने रहने के योग्य नहीं अतः विधायकों को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिये । इसी मांग को लेकर किसान राज्यपाल से मिलना चाह रहे थे । राज्यपाल के ना मिलने से किसानों में गहरी नाराजगी देखी गई ।

किसानों ने तय किया है कि जिस तरह से मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने किसानों से मिलने से इंकार किया है अब आगामी दिनों में विधायकों, मन्त्रियों को गांव में घुसने से रोकने की योजना बनायी जायेगी । आगे की रणनीति का किसान महासंघ आगामी दिनों में ऐलान करेगा ।

किसानों की मांगे 

1.      किसानों से किया वायदा निभाओ – धान पर 300 रुपए बोनस प्रति क्विंटल, रु. 2100  धान समर्थन मूल्य, 5 एचपी तक सिंचाई पंप को निशुल्क बिजली, धान का एक एक दाना खरीदो,शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन बांटों.

 2.  बोनस और वाजिब फसल मूल्य नही मिलने के करने के कारण हमारा कर्जा बढ़ गया है अत: हम किसानों का कर्जा माफ़ करो.

 3. स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करते हुए फसलों का न्युनतम समर्थन मूल्य कुल लागत का डेढ़ गुना घोषित करो.

 4.  मंदसौर में 7 किसानों की हत्या करने वाले शिवराज सरकार को बर्खास्त कर हत्या का प्रकरण दर्ज करो. 

5. भाँगड़, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के रायगढ़, बस्तर, सरगुजा नया रायपुर सहित सभी स्थानों में जबरिया भू अधिग्रहण पर रोक लगाओ।

आज के धरना एवम रैली में शामिल होने वाले संगठन

नई राजधानी किसान कल्याण संघर्ष समिति * “आप” किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ * अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान संगठन * जिला किसान संघ राजनांदगांव * छत्तीसगढ़ कृषक बिरादरी * छत्तीसगढ किसान महासभा *  किसान बंधु * छत्तीसगढ किसान समूह  *तत्पर * राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित किसान नागरिक संघर्ष समिति  * छत्तीसगढ किसान मोर्चा * नदी घाटी मोर्चा *छत्तीसगढ महिला अधिकार मंच * व्ही फोरम *  छत्तीसगढ़किसान समन्वय समिति *  छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा  * किसान महासंघ * छत्तीसगढ बचाओ आंदोलन * संयुक्त किसान मोर्चाछत्तीसगढ़ * छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवम उपभोक्ता संघ * किसान सलाहकार मंडल जिला रायगढ * प्रगतिशील किसान महामंच मुंगेली    *
 कृषक चेतना मंच जांजगीर * ग्राम सभा परिषद प्रेमनगर * फाइट फॉर राइट छत्तीसगढ़, बिलासपुर

**
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

CG Basket

Related Posts

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account



%d bloggers like this: