पत्रिका 2 अगस्त 2017

अनुपम राजीव राजवैद्य@रायपुर.

माओवादी हमलों में इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अब तक सीआरपीएफ के 38 जवान शहीद हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों की तुलना की जाए तो माओवादियों ने छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ को बड़ी क्षति पहुंचाई है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2015 में सीआरपीएफ के 3 जवान शहीद हुए थे, जबकि वर्ष 2016 में 18 जवानों की शहादत हुई थी।
सांसद मोहम्मद बदरुद्दोजा खान के सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री अहीर ने बताया कि वर्ष 2015 सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हुए। इसमें छत्तीसगढ़ में तीन और बिहार में दो जवान माओवादी हमलों में शहीद हुए थे। इसी तरह वर्ष 2016 में माओवादी हमलों में सीआरपीएफ के 31 जवान शहीद हुए थे। इनमें छत्तीसगढ़ में 18, बिहार में 11 और झारखंड में 2 जवानों की शहादत हुई थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में अभी तक सीआरपीएफ के 38 जवान शहीद हुए हैं और यह पूरी शहादत छत्तीसगढ़ में हुई है।
जवानों का मनोबल बढ़ाने किए अनेक उपाय
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने लोकसभा में बताया कि सीआरपीएफ कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए सरकार अनेक उपाय करती रहती है। माओवादरोधी अभियानों में तैनात कर्मियों के लिए जोखिमभत्ता, मकान किरायाभत्ता और तैनाती के पिछले स्थान पर सरकारी आवास को रखने की सुविधा में विस्तार के रूप में अतिरिक्त भत्ता व प्रोत्साहन राशि पहले से ही लागू है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके अलावा वित्तीय कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए बीमा और विभिन्न अग्रिम ऋण प्रदान किए जाते हैं। उपयुक्त आवास, चिकित्सा सुविधाएं, घायल व्यक्तियों को समय पर बचाना, बेहतर पदोन्नति के अवसर, वीरता पुरस्कार, पारितोषिक व प्रशंसा, शिकायत निवारण आदि जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
माओवादियों से निपटने राष्ट्रीय नीति व कार्ययोजना
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर के मुताबिक माओवादी हिंसा से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक बहुआयामी राष्ट्रीय नीति व कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें सुरक्षा व विकास संबंधी उपाय, स्थानीय समुदायों के अधिकार एवं हक सुनिश्चित करना आदि शामिल हैं। सांसद ए. अरुणमणिदेवन के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री अहीर ने बताया कि केंद्र सरकार ने माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सड़कों का निर्माण, संचार नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण, मोबाइल टावरों की स्थापना, बैंकों, डाकघरों के नेटवर्क में सुधार करने, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की सुविधाओं के प्रावधान सहित अनेक उपाय किए हैं।

68 पुलिस थानों का निर्माण
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने बताया कि ‘अति सुरक्षित पुलिस थानों का निर्माण-मजबूतीकरण’ नाम योजना के अंतर्गत विगत तीन वर्षों के दौरान माओवादी हिंसा प्रभावित राज्यों में 307 पुलिस थानों का निर्माण किया गया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में 68 पुलिस थाने बनाए गए।

620 किमी सड़क बनाई गई
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने बताया कि ‘सड़क आवश्यकता योजना-1’ के तहत माओवादी हिंसा प्रभावित राज्यों में अप्रैल 2014 से जून 2017 के दौरान कुल 1509 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ में निर्मित 620 किमी सड़क शामिल है।

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