आलेख : डॉ. मुकेश कुमार गहरा अमर शहीद बिरसा मुंडा 19 वीं सदी के अंतिम दशक में हुए स्वतंत्रता आंदोलन के महान लोकनायक थे। उनका ‘उलगुलान’ (आदिवासियों का जल-जंगल-जमीन पर दावेदारी का संघर्ष) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। इस आंदोलन ने आधे दशक से भी अधिक […]

छत्तीसगढ़ के भूरे हुसैन तकरीबन 84 साल के हैं. कभी हकीम हुआ करते थे अब इधर उधर से मांग कर पेट भरते हैं. 22 तारीख़ के जनता कर्फ्यू के बाद जो लॉक डाउन बढ़ा उसने करोड़ों लोगों को एक झटके में भिखारी बना दिया. भूरे हुसैन भी इस त्रासदी के […]

समीक्षक : अजय चंद्रवंशी प्राचीन काल से भारत मे विदेशी यात्री आते रहे हैं। कुछ आक्रमणकारियों के साथ, कुछ व्यापारियों के साथ तो कुछ धार्मिक-तात्विक ज्ञान की खोज में। आये-गए तो कितने ही होंगे मगर सभी ने यात्रा विवरण दर्ज नही किया। बहुतों ने दर्ज किया भी होगा मगर समय-प्रवाह […]

26 जनवरी 2020, छत्तीसगढ़ PUCL के अध्यक्ष रह चुके मानव अधिकार रक्षक राजेंद्र सायल की अस्पताल में मृत्यु हो गई. उनका चला जाना, छत्तीसगढ़ में मानव अधिकार आन्दोलन से जुड़े हर  व्यक्ति के लिए किसी अपने के चले जाने के बराबर है. पहले पहल तो इस बात का भरोसा ही […]

हमारी दुनिया बादल रही है। पहले ये बदलाव धीमी गति से हो रहा था लेकिन अब हालात बादल चुके हैं। आज आप अपनी आँखों के सामने इस बदलाव को देख सकते हैं। उदाहरण के लिए उत्तर भारत में दशहरा त्योहार ठण्ड के आने का सिग्नल माना जाता था। इस त्योहार […]

शोधकर्ता व आलेख अजय चंन्द्रवंशी भोरमदेव मंदिर के निर्माता निर्धारण की समस्या छत्तीसगढ़ के खजुराहो के रूप में प्रसिद्द भोरमदेव का मंदिर अपने स्थापत्य और प्राचीनता के कारण छत्तीसगढ़ के इतिहास में विशिष्ट स्थान रखता है। जिस काल(9 से 17वीं शताब्दी) में छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्से में कलचुरियों का आधिपत्य […]

आलेख व संकलन – अजय चन्द्रवंशी, कवर्धा, छ.ग. मो.9893728320 भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर दक्षिण में सहसपुर, घटियारी से खैरागढ़ क्षेत्र तक तो उत्तर में पचराही-बकेला तक फैले हुए हैं। राजाबेंदा ऐसा ही पुरातत्विक स्थल है जहां लगभग […]

नई सीरीज़ सीजीबास्केट के पाठकों के लिए आज से एक नई सीरीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं “एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी” जानकारियों मे दर्शन समेटे ये सबकुछ शरद कोकास ने लिखा है। छत्तीसगढ़ साहित्य से जुड़े लोगों मे शरद कोकास नाम भर लेने से पहचान लिए जाते हैं। भूमिका मनुष्य का […]

दुनिया के सबसे बड़े रासायनिक हादसों में से एक भोपाल गैस त्रासदी को 35 साल हो चुके हैं. इसके असर से अब भी बच्चे बीमारियों के साथ जन्म ले रहे हैं. लेकिन हमारी सरकारें बेशर्म बनी हुई हैं. जानलेवा मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का प्रयोग अभी तक देश में प्रतिबंधित नहीं […]

भोरमदेव के फणिनागवंशियो के अवशेष मैकल श्रेणी के समानांतर दूर-दूर तक फैले हैं. उत्तर में पचराही से लेकर दक्षिण में खैरागढ़ क्षेत्र तक विभिन्न स्थलों में पुरातत्विक साक्ष्य मिलते हैं. दक्षिण में गंडई-पंडरिया के आस-पास के क्षेत्रों में गंडई का भांड़ देऊर मंदिर, घटियारी का शिव मंदिर प्रमुख हैं. इसके […]

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