*दंतेवाड़ा स्थित मधुवन होटल में पुलिस की तीन बार दविश .
** सामाजिक कार्यकर्ताओं की जमानत के  लिये  बस्तर पहुचे  वकीलों से पुलिस कि कड़ी पूछताछ .
एक दर्जन वकील पहुचे दंतेवाड़ा

* सुकमा में गिरफ्तार वकीलों ,पत्रकार और  मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की पैरवी करने  तेलंगाना से आये  एडवोकेट को भी परेशान किया छत्तीसगढ़ पुलिस ने.
* तथाकथित पकडे गये पुराने नोट भी पेश नही कर पाई पुलिस ,,आज तक का समय लिया .
* सोनी सोड़ी ने किया हस्तक्षेप .
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माओवादीयों से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार तेलंगाना के सामाजिक कार्यकर्ताओं की जमानत के लिये पहुचे एक दर्जन वकीलों से छत्तीसगढ़ पुलिस ने बार बार कडी पूछताछ की .
जिस होटल में वकील ठहरे थे वहा तीन बार पुलिस ने छानबीन की और वकीलों से कहा कि दंतेवाड़ा में  ठहरना खतरे से खाली नही है . सभी वकीलों से उनके परिचय पत्र मांगे गये उसकी प्रति भी साथ ले गये ॥

तेलंगाना डेमोक्रेटिक फ्रंट के संयुक्त सचिव मदन कुमार स्वामी ने पत्रकारों से चर्चा की और पुलिस के असमान्य व्यवहार के बारे में बताया .
आज सुनवाई :
तेलंगाना पुलिस ने सात वकीलो ,पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को नोट बदलने के आरोप में पकड कर सुकमा पुलिस को सोंप दिया था . सारे देश में तीव्र प्रतिक्रिया के बार बस्तर के  आई जी कल्लूरी ने कहा था कि वे सफेद पोश नक्सली है .
सोमवार को नक्सल मामलों के एडीजे मनोज सिंह ठाकुर की अदालत में केस डायरी तो प्रस्तुत की लेकिन  सबूत पेश करने के लिये समय की मांग की ,अब सुनवाई आज मंगलवार को होगी .

** एक दर्जन वकील पहुचे दंतेवाड़ा

मामले की सुनवाई के लिये आन्ध्रप्रदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता  वी रधुनाथ ,जी लिंगये ,एन पुर्षोत्तम ,जगन्नाथन सहित दर्जनभर वकील पहुचे है ,इनके साथ परिजन भी अदालत भी मौजूद थे.

आँध्रप्रदेश और तेलंगाना से दंतेवाड़ा पहुँचे वकीलों और सामजिक कार्यकर्ताओं पुलिस और आईबी के जासूसों की पैनी नजर, पत्रकारों की भेष में आईबी के जासूस कोर्ट में कैमरे से कर रहे वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफी । प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों की भेष में भी पहुँचते हैं आईबी के जासूस ।
 बस्तर में पत्रकारों के लिए नक्सली इलाकों में इनकी वजह से काम करना काफी खतरनाक । ।

आँध्रप्रदेश और तेलंगाना से बस्तर आने के दौरान रास्ते भर में हुई वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तलाशी । फर्जी नोटबदली मामले में दुबारा फँसाने की साजिश की आशंका सेसबहुत कम कैश लेकर पहुँचे हैं वकील और सामाजिक कार्यकर्ता । छत्तीसगढ़ सरकार के इशारों पर दंतेवाड़ा में भी सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों को फर्जी मामले बनाकर गिरफ्तार करने की हो सकती है साजिश ।

 सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकील और पत्रकार की कथित एक लाख नोटबदली काण्ड में आज पूरी नहीं हो सकी जमानत पर सुनवाई । विशेष न्यायालय नक्सल एवं एडीजे मनोज सिंह ठाकुर के कोर्ट में चल रही थी सुनवाई । लेकिन पुलिस तथाकथित जप्त पुराने नोट कोर्ट में पैश नही कर पाई ,कोर्ट से कल तक का समय मांग  ,इस मामले में कल होगी जमानत पर अगली सुनवाई ।
होटल मधुबन में  जहां यह सारे वकील ठहरने है ,यहाँ की  पुलिस ने सख्ती से तलाशी ली और  वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के आइकॉर्ड की फोटोकॉपी करवाकर ले गई .
पुलिस के बार बार हस्तक्षेप के बाद सोनी सोरी होटल पहुची और पुलिस के लोगों से बातचीत की और उन्हें वकीलों को परेशान न करने की चेतावनी दी .
आज सुकमा पुलिस कोर्ट में दस्तावेज़ प्रस्तुत करेगी .
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आज बहुत मजा आया ,
छत्तीसगढ़ पुलिस डरकर भीगी बिल्ली बनी घूमती रही,
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जिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक हफ्ते पहले फर्जी मामला बनाकर जेल में डाला था,

उनका मामला अदालत में लड़ने के लिए आज आंध्र प्रदेश से वकीलों की एक टीम दंतेवाड़ा आई,

छत्तीसगढ़ पुलिस इतने सारे वकीलों को एक साथ देख कर बुरी तरह घबरा गई ,

और अदालत में भेस बदल-बदल कर घूम घूम कर सारे क्रियाकलापों को छुप कर देखती रही,

शाम को आईजीपी कल्लूरी के हुकुम से दंतेवाड़ा थाने से पुलिस वाले जीप में वकीलों के होटल पर पहुंचकर बार-बार उन्हें परेशान करने लगे,

पुलिस वाले सभी वकीलों से उनके आईकार्ड और उनके पास कितना पैसा है इसकी जानकारी बार बार मांग रहे थे ,

पुलिस ने ऐसा दो बार किया ,

इसके बाद सोनी सोरी ने वहां पहुंचकर पुलिस वालों से जब पूछताछ करी तो पुलिसवाले डरकर वापस थाने में भाग गए,

छत्तीसगढ़ पुलिस की यह हरकतें देख कर बहुत मजा आया,

आज अदालत में जज साहब ने पुलिस से पूछा कि आपने कहा है कि इनके पास से एक लाख रुपये के नकद नोट पुराने वाले जो बंद हो गए हैं वह पकड़े गए और नक्सलवादी पर्चे पकड़े गए ?

तो वह दोनों सबूत अदालत में पेश कीजिए ?

लेकिन पुलिस अदालत में दोनों ही सबूत पेश नहीं कर पाई,

इस पर अदालत ने पुलिस को फटकार मारी,

और कल तक दोनों सबूत पेश करने के लिए कहा,

कल इस मामले पर बहस होगी,

छत्तीसगढ़ पुलिस अपनी बेइज्जती खुद करवा रही है,

पुलिस वालों को नियम से काम करना चाहिए,

लेकिन वह बार-बार कह रहे थे हमें तो ऊपर से आर्डर मिला है,

हमारा कहना है अगर ऊपर से आर्डर मिलेगा गोबर खाओ तो क्या पुलिसवाले गोबर खाने लगेंगे ?

अरे भाई अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करो और कानून से चलो वरना तुम्हारी इसी तरह खिल्ली उड़ेगी,
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हिमांशु कुमार

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