भांगड़ में चल रहे आंदोलन में राज्य सरकार समर्थित दमन बंद हो।
* पावर ग्रिड प्रोजेक्ट तुरंत बद हो।
* भांगड़ संघर्ष समिति के काॅ. प्रदीप सिंह  ठाकुर, काॅ. शर्मिष्ठा चैधरी, काॅ. शंकर दास, काॅ. कुशल देबनाथ व संघर्ष समिति के अन्य 16 सदस्यों को अविलंब निशर्त रिहा करो और यूएपीए को निरस्त करो।

** तमाम वाम व प्रगतिशील ताकतों के द्वारा 8 मई 2017 को कोेलकाता पश्चिम बंगाल में आयोजित राजभवन मार्च को सफल बनायें।
** 8 मई 2017 को दोपहर 3 बजे बुढ़ातालाब, रायपुर में धरना-प्रदर्शन
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* भांगड़ किसान आंदोेलन सहायक समिति की बैठक संपन्न.

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रायपुर, 03 मई 2017। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में चल रहे भांगड़ आंदोलन के साथ एकता प्रदर्शित करने हेतु भांगड़ जन आंदोेलन सहायक समिति की राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक शंकरनगर, रायपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता नदी घाटी मोर्चा छत्तीसगढ़ के संयोजक गौतम बंद्योपाध्याय व संचालन क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच के अखिल भारतीय संयोजक व ’’विकल्प अवाम का घोषणापत्र’’ पत्रिका के संपादक तुहिन ने किया।

 इस अवसर पर प्रदीप सुबेदार, कलादास डहरिया, सी.पी.आई (एम.एल) रेड स्टार के छत्तीसगढ़ राज्य सचिव काॅ. सौरा यादव, काॅ. सुरेन्द्र महन्ति, काॅ. दीपा, काॅ. तेजराम विद्रोही, काॅ. गोरखनाथ, काॅ. मृदुलसेनगुप्ता, स्वाति मानव, जीतू ठाकुर, व विनोद ने अपने विचार रखे।

बैठक में सर्वसम्मति से भांगड़ किसान आंदोेलन सहायक समिति छत्तीसगढ़ से काॅ. दीपा व काॅ. गौतम बंधोपाध्याय को संयोजक नियुक्त किया गया। साथ ही आगामी 8 मई 2017 को दोपहर 3 बजे बुढ़ातालाब, रायपुर के पास धरना स्थल में  भागड़ जन आंदोलन सहायक समिति छत्तीसगढ़ द्वारा धरना व प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में निम्न प्रस्ताव पारित किए गए
1. भांगड़ में चल रहे आंदोलन में राज्य सरकार समर्थित दमन बंद हो।
2. पावर ग्रिड प्रोजेक्ट तुरंत बद हो।
3. भांगड़ संघर्ष समिति के काॅ. प्रदीप सिंह  ठाकुर, काॅ. शर्मिष्ठा चैधरी, काॅ. शंकर दास, काॅ. कुशल देबनाथ व संघर्ष समिति के अन्य 16 सदस्यों को अविलंब निशर्त रिहा करो और यूएपीए को निरस्त करो।

4. तमाम वाम व प्रगतिशील ताकतों के द्वारा 8 मई 2017 को कोेलकाता पश्चिम बंगाल में आयोजित राजभवन मार्च को सफल बनायें।

इस अवसर पर काॅ. सौरा ने बंगाल के भांगड़ किसान आंदोलन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पष्चिम बंगाल में ममता बेनर्जी के नेतृत्व वाली मैजूदा तृणमूल कोंग्रेस की सरकार 34 साल लंबे वाममोर्चा सरकार के खिलाफ सिंगुर और नंदीग्राम में किसानों का विस्थापन का मुद्दा उठाकर सŸाा में आयी है। तब सिंगुर में टाटा और नंदीग्राम में सलेम ग्रुप को जमीन देने के लिए किसानों का बड़े पैमाने पर विस्थापन किया जा रहा था और जबरिया भूमि अधिग्रहण करने के लिए राजकीय दमन का सहारा लिया गया था, जिसमें कई किसानों को अपनी जान गवानी पड़ी, सैकड़ो घायल हुये थे। उस समय  सत्तासीन वाम मोर्चा सरकार को अपने निर्णय को वापस लेते हुये विस्थापन के कार्यवाही को रोकना पड़ा था। लेकिन आज ममता सरकार के नेतृत्व में दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर क्षेत्र में बनाये जा रहे 400 किलोवाट के पावर ग्रिड के खिलाफ संघर्ष कर रहे गरीब किसानों पर सिंगुर और नंदीग्राम से भी बदतर रूप में दमन को दोहराया जा रहा है।

17 जनवरी को हुयी पुलिस फायरिंग में दो ग्रामीण मोफीज्जुल षेख और आलमगीर मोल्ला मारे गए, कई लोग घायल हो गए और कुछ लोगों का आज तक पता नहीं चल पाया है।

पावर ग्रिड का विरोध करने के लिए बनायी गयी ’’जमीन, जीविका और पर्यावरण रक्षा समिति’’ के नेतृत्वकारियों व भाकपा (माले) रेड स्टार के शीर्श नेताओं काँ. प्रदीप सिंह ठाकुर और काँ. शर्मिष्ठा चैधरी, षहनवाज मोल्ला सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं, जबकि अन्य कई नेताओं की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहा है।समिति के नेताओं पर हत्या, लूट, आगजनी जैसे गंभीर आरोपों के तहत कार्यवाही की जा रही है, जबकि 17 जनवरी के हमले में पुलिस तथा पुलिस वर्दी में बाहर से आये तृणमूली गुण्डों पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई है। क्षेत्र के हजारों गरीब किसानों द्वारा पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के गुण्डों द्वारा किये जा रहे हमलों और दमन के खिलाफ संघर्श करते हुये अपने नेताओं की रिहाई की मांग कर रहें है।

भांगड़ आंदोलन के साथियों केा सभी प्रगतिषील लोगों द्वारा साथ दिया जाना चाहिए ताकि सम्राज्यवादी ताकतें  हावी न हो सके।

 गौतम बंद्योपाध्याय ने बताया कि ओपीडीआर की टीम के साथ 5 तारीख को मैने भांगड़ का दौरा किया था वहां कि हालत चिंताजनक है। वहां का आंदोलन नंदीग्राम का दुहराव जैसा ही है। हम नंदीग्राम व सिंगुर के आंदोलन से सबक लेकर किसानों के आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
इस अवसर पर भांगड़ किसान आंदोेलन सहायक समिति छत्तीसगढ़ ने तमाम प्रगतिशील, जनवादी, जनविज्ञान संगठनों के बुद्धिजीवियों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं व छात्र-छात्राओं से 8 मई को आयोजित धरना स्थल में  उपस्थित होकर जमीन, आजीविका व पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाये जा  रहे  भांगड़ तथा छत्तीसगढ़ में चल रहे जन आंदोलनों के समर्थन में खड़े होकर सफल बनाने की अपील की है।
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