में आदिवासी हूं और असुर जाति का हूं में हिन्दू नहीं हूं.
: मनीष कुंजाम

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सूकमा में एक तरफ हिन्दू धर्म सेना द्वारा मनीष कुंजाम के खिलाफ सुकमा बंद और उनका पुतला जलाया  जा रहा है ,धर्म सैना ने मनीष के दुर्गा पर एक पोस्ट को हिन्दू देवी का अपमान  बताया है,वही मनीष ने आज सुकमा में एक आयोजन में बोलते हुये कहा कि :
में आदिवासी हूँ और असुर वंश का हूं ,यहाँ का मूलनिवासी होने के  कारण बूढा देव को पूजता हूं ,में हिन्दू नहीं हूँ.
मनीष कुंजाम ने कहा कि पोराणिक कथाओं में ब्राह्मणों ने असूरों को गलत तरीके से  चित्रण और वर्णित किया है .ब्राह्मणों ने असुरों के लंबे नाखून ,बड़े  बाल और सींग के रूप में दर्शाया है .ताकि आदिवासियों को नीचा दिखाया जाये जबकि ऐसा कुछ नहीं था .
* पोस्ट  में कुछ घलत नहीं है
मनीष कुंजाम ने कहा कि वह पोस्ट में मेरे द्वारा लिखा हुआ नहीं था ,में ने उसे आगे बढाया है .
उसमें कुछ बातें सही है कि वैश्या के घर से मिट्टी लाके दुर्गा की मूर्ति बनाई जाती है .
महिशासुर आदिवासी और दलितों के राजा थे .में भी आदिवासी हू़ ओर इसी वंश से ताल्लुक रखता हूं.जब हिन्दू देवीदेवताओं पर टिप्पणी करने  पर आर एस
एस और  धर्म सेना को तकलीफ होती है तो हमें भी पोराणिक ग्रंथों  में असुरों के गलत चित्रण पर दुख होता  है .
महाशासुर सहित आदिवासियों के और भी बहुत देवता है जिनकी हम पूजा करते है .
मनीष कुंजाम ने आगे कहा कि  उनके द्वारा जिला निर्माण समिति के घपलों की  उच्चस्तरीय जांच की मांग प्रधानमंत्री मोदी से की है जिसकी जांच के आदेश
हो गये है इसलिए अधिकारियों ने मिलकर इस तरह का षड्यंत्र रचा जा रहा है ताकि मामले को दबाया जायें.
उन्होंने कहा कि आदिवासी विकास के लिये  करोड़ों की राशी केंद्र से आती है लेकिन वो आदिवासियों तक नहीं पहुच पाये इसलिए मेरे खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है #
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