|| मरते समय उन बच्चों ने भी माँ को पुकारा होगा ||यह कविता 75 साल पहले मारे गए उन मासूम बच्चों की याद में उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोमदत्त जी ने लिखी थी.

  सोमदत्त *दस्तक* के लिए प्रस्तुति : *अनिल करमेले* *क्रागुएवात्स में पूरे स्कूल के साथ तीसरी क्लास की परीक्षा – स्मृतिशेष सोमदत्त जी की कविता* स्कूल के 800 बच्चों की हत्या की दास्तान इस कविता में पढ़ते हुए आपके रौंगटे खड़े हो जायेंगे. क्रागुएवात्स में पूरे स्कूल के साथ तीसरी Continue Reading