कवितायें ःः ज्योति शोभा ःः दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

February 4, 2019 CG Basket 0

⭕ || पकड़ने की कला में निपुण नहीं होती देह || वर्षों पुरानी हो गयी है देह  भार नहीं संभाल पाती चुंबन गिर रहे हैं  केशों की […]

|| प्रफुल्ल शिलेदार की कविताएँ ||   ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा        

January 19, 2019 CG Basket 0

19.01.2019 पुस्तक मेला अभी खत्म हुआ है। किताबों की तिलिस्मी दुनिया अब मेले से निकलकर हमारे साथ हमारे घरों में आ गई है। ढेर सारी […]

|| प्रफुल्ल शिलेदार की कविताएँ ||     ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा    

January 19, 2019 CG Basket 0

पुस्तक मेला अभी खत्म हुआ है। किताबों की तिलिस्मी दुनिया अब मेले से निकलकर हमारे साथ हमारे घरों में आ गई है। ढेर सारी नई […]

🎥 || हमें तो अब भी वो गुज़रा ज़माना याद आता है || :  ० दस्तक के लिए- यूनुस खान

January 13, 2019 CG Basket 0

🎥 🎥  🎥 ० दस्तक के लिए अनिल करमेले 2019 की इस सर्द सुबह अगर किसी के किसी गैजेट पर ग़ज़लें बज रही हों, और मौसम गुलाबी […]

🎥 || विश्‍वजीत के साथ कुछ पल || यूनुस ख़ान ० दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

December 2, 2018 CG Basket 0

2.12.2018 🎥🎥🎥 बीते हफ्ते एक आयोजन के सिलसिले में मेरी मुलाक़ात जाने-माने अभिनेता विश्‍वजीत से हुई और उन्‍हें क़रीब से जानने का मौक़ा मिला। विश्‍वजीत […]

सुरेश सेन निशांत* की कविताएँ प्रस्तुत हैं. कविताओं पर चर्चा की उम्मीद है.: अनिल करमेले प्रस्तुत. दस्तक़ में आज.

October 26, 2018 CG Basket 0

⭕ ऐसे समय में जबकि वैचारिकता से कोसों दूर रहने वाले मजमेबाज़ कई अकवि और कुकवि हिंदी कविता में अपनी जगह बना रहे हैं, एक […]

| | ‘दिल हूम हूम करे’ || कल्‍पना लाजमी को नमन : दस्तक़ के लिये यूनुस खान .

September 24, 2018 CG Basket 0

  24.09.2018 कल्‍पना लाजमी का जाना हिंदी फिल्‍म जगत का एक बड़ा नुकसान है। बहुत बरस पहले एक सीरियल आया था ‘लोहित किनारे’। ये दूरदर्शन […]