पिछड़ी-अतिपिछड़ी-पसमन्दा महिलाओं का सम्मेलन- बहुजन महिलाओं का सम्मेलन : 2019.

25.02.2019 प्रस्तुति : जुलैख़ा जबीं पिछड़े वर्ग से तात्पर्य सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ी जातियों से है जिनकी सामजिक स्थिति पारम्परिक जातिगत पद्सोपानीय व्यवस्था में निम्न है, इन जातियों का एक बड़ा हिस्सा शैक्षिक तरक्की से वंचित है,इन जातियों का सरकरी सेवाओं में बेहद कम/नगण्य प्रतिनिधित्व है एवं व्यापर, Continue Reading

सेंट्रल पार्क कनाट प्लेस ःः कैंड्ल मार्च ” “उन्मादी भीड़ नहीं जागरुक नागरिक बनिये”…  आज 19 फ़रवरी) शाम 6 बजे सेंट्रल पार्क कनाट प्लेस पहुंचिये. देश के लिए अपनी ज़िम्मेदारी को ग़ुस्से में तब्दील कीजिये.

19.02.2019 साथ आईये, सवाल उठाइये- *कब तक हम अपने जवानों को लाशों के ढ़ेर में बदलते देखते रहेंगे? *कब तक हम अपने प्यारे देश की सुरक्षा से “राजनैतिक खिलवाड़” बरदाश्त करते रहेंगे? *कब तक हम सरकार की राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं के आगे अपने देश के भविष्य की क़ुरबानी देते रहेंगे? कब Continue Reading

सावित्री बाई फुले और फ़ातमा शेख़ : सोचिए उस “दौरे जाहिलियत” में सामाजिक तौर पे बहिष्कृत कर दिए गए दंपत्ति को “शेल्टर” देना कोई हंसी ठट्ठे का खेल नहीं रहा होगा.: जुलैखा जबीं

जुलैखा जबीं ,सामाजिक कार्यकर्ता . अठारहवीं सदी के पेशवाई युग में ब्राह्मणों के दबाव में जोतिबा फुले के वालिद ने जब अपने शादीशुदा बेटे को घर से निकाल दिया तो सावित्री बाई भी अपने ख़ाविंद के हमराह घर से बाहर निकल आईं. जोतिबा के बचपन के दोस्त गंजपेठ (पुणे) के Continue Reading

ख़ेराजे अक़ीदत शहीद सुबोध कुमार जी को ःः जुलैखा जबीं.

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के क़ातिलों को “भीड़” का नाम मत दीजिए प्लीज़…. 5.12.2018 वर्ना कई और सुबोध कुमार, कई और ज़ियाउल हक़ जैसे जम्हूरियत के रक्षक मौत के घाट उतारे जाते रहेंगे. और संविधान के क़ातिल भीड़ की “आड़” में छुपकर बचते रहेंगे. याद रखिए, दादरी में शहीद किए गए Continue Reading

ईद मिलादुन्नबी ःः भारत के सुन्नी “वाक़ई” उम्मते मोहम्मदी हैं……? ज़ुलैख़ जबीं

21.11.2018 इस्लामी महीना रबीउल अव्वल शुरू हो चुका है. इस्लामी लेहाज़ से इस महीने में अल्लाह के आख़िरी नबी रसूल (सअव) की पैदाइश और वफ़ात (मौत) दोनों हुई है. इसी के बारहवें दिन रसूले ख़ुदा (सअव) की यौमे पैदाइश हुई है जिसे ईद मिलादुन्नबी कहा जाता है. दुनिया भर के Continue Reading

स्मृति शेष ःः “मैं भंगी हूं” जैसी कालजयी किताब के लेखक सामाजिक, राजनैतिक चिंतक एडवोकेट भगवानदासः के.पी.सिंह

ख़ेराजे अक़ीदत.. भारत के सबसे पहले अंबेडकरवाद मार्क्सवाद की एकजुटता के सशक्त (स्पष्ट) पक्षधर, सामाजिक क्रांतिकारी एड भगवानदास आज ही के दिन इस दुनियाए फ़ानी से कूच कर गए थे… (23.4.1927-18.11.2010) प्रस्तुति ःः जुलैखा जबीं ,दिल्ली  “मैं भंगी हूं” जैसी कालजयी किताब के लेखक सामाजिक, राजनैतिक चिंतक एडवोकेट भगवानदास जी Continue Reading

31 जुलाई  : सफाई कर्मचारी दिवस ,अस्तित्व का सवाल है…..–जुलैखा जबीं

Jul 31.8.17 खरीन्यूज़ से आभार सहित  ज़ुलैख़ा जबीं 30 जुलाई 2017 को “मन की बात” कार्यक्रम के 34वें संस्करण में भारतीय पीएम के मुंह से 14जुलाई 2017 दक्षिणी दिल्ली के घिटोरनी में सौ फुटा रोड पर सेप्टिक टैंक की सफ़ाई के दौरान को 4 सफ़ाई कामगारों (स्वर्ण सिंह, अनिल कुमार, Continue Reading