युद्धोन्माद और सांप्रदायिक नफरत के खिलाफ सांस्कृतिक संध्या. रायपुर में आज ..

युद्धोन्माद और सांप्रदायिक नफरत के खिलाफ सांस्कृतिक संध्या 31 मार्च 2019 (रविवार), रायपुर (छ.ग.) “जंग चाहते हैं आज जंगखोर_ _ _ _ _ _” “भूख के विरुद्ध भात के लिए, हम लड़ेंगे, हमने ली कसम_ _ _ _ _ _ _” पूरे देश की फ़िज़ा, अंधराष्ट्रवाद और युद्धोन्माद के ज़हर Continue Reading

पैगाम -ऐ -अमन ःः कवियत्रियों की उपस्थिति में अंधेरे से उजाले की ओर का आयोजन  सम्पन्न ःः पाकिस्तान की मशहूर लेखिका फहमीदा रियाज को श्रद्धांजलि दी गई ःः रायपुर

रायपुर,23 नवम्बर 2018 क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच(कसम) व पीस रायपुर द्वारा आज राजधानी के वृन्दावन हॉल में पैगाम -ऐ-अमन (अंधेरे से उजाले की ओर) कार्यक्रम में कवियत्रियों व जन गायिकाओं द्वारा हिंसा व नफरत के खिलाफ अमन के पक्ष में कविताएं व जनगीत पर आधारित साहित्यिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम Continue Reading

पैगाम – ए – अमन (अंधेरे से उजाले की ओर)ःः 23 नवंम्बर रायपुर में.

साथियों, आज के इस अंधकारमय, उन्माद भरे दौर में लोगो के बीच मानवमुक्ति, इंसानियत, अमन की सोच कायम करना बहुत ज़रूरी है | गंगा जमुनी तहजीब, प्रेम, सौहाद्र और बहनापा / भाईचारा हमारी ताक़त रही है | हमें हर किस्म के भेदभाव, हिंसा, असहिष्णुता को दरकिनार कर लोगों को करीब Continue Reading

आज के इस उन्मादी दौर में लोगों के बीच मानवमुक्ति, तर्कशीलता और अमन की सोच कायम करना बहुत जरुरी है। अगर आज कबीर होते तो वे भी असहिष्णुता की बली चढ़ जाते। ऐसी परिस्थिति में लबों को आज़ाद करना वक्त की ज़रूरत है. – बोल के लब आजाद हैं तेरे अभियान . रायपुर

बोल के लब आज़ाद हैं तेरे अभियान के तहत् प्रगतिशील चेतना के संवाहक संत कबीर पर विमर्श आयोजित. नुक्कड़ नाटक न. 13 प्रसाद का प्रभावशाली मंचन 26.06.2018 / रायपुर  क्रांंतिकारी सांस्कृतिक मंच (कसम), विमर्श तथा पीस रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से ’’बोल के लब आजाद हैं तेरे अभियान के तहत् Continue Reading

2 अप्रेल भारत बंद को सभी वर्ग और संगठनों का मिल रहा हैं समर्थन : कसम , जाति उन्मूलन आंदोलन और मजदूर संघठनो ने किया ऐलान .

29.03.2018. ** गत 20 मार्च को एस.सी./एस.टी. एक्ट के दुरूपयोग पर दिये गए फैसले पर जाति उन्मूलन आंदोलन तथा कसम ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनांे संगठनों का कहना है कि यह कदम मनुवादी ताकतों द्वारा प्रभावित है। यह दलितों तथा आदिवासियों के खिलाफ कॉर्पोरेट-ब्राम्हणवादी ताकतों का खुला हमला Continue Reading