रायपुर. सुर और ताल के मुरीदों के शहर रायपुर में यूं तो हर रोज संगीत का कोई न कोई कार्यक्रम होते रहता है, मगर चंद कार्यक्रम ही ऐसा होता है जिसका असर लंबे समय तक कायम रहता है. जेहन में बस जाने वाला एक ऐसा ही कार्यक्रम 2 सितम्बर को […]

अंजन कुमार , अपना मोर्चा .काम केे लियेे .. पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ी सिनेमा संस्कृति के नाम पर बम्बईया छाप फिल्म की नकल ही कर रही है। इन फिल्मों में कुछ नया या मौलिक काम देखने को नहीं मिलता। घोर व्यवसायिक मानसिकता और सस्ती लोकप्रियता की आत्ममुग्धता में लीन […]

राजकुमार सोनी ,अपना मोर्चा . काम के लिये .. आज हरेली तिहार है…और अभी थोड़ी देर पहले ही नाचा के जनक दाऊ मंदराजी के जीवन पर बनी एक बेहतर फिल्म देखकर लौटा हूं. हालांकि यह फिल्म मुझे उसी रोज देख लेनी चाहिए थीं जिस रोज प्रदर्शित हुई थीं, लेकिन तब […]

अपना मोर्चा ON 31-Jul-2019 अंजन कुमार वर्तमान भारतीय समाज सांप्रदायिक दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय जब सांप्रदायिक शक्तियां धर्म, जाति और भाषा के नाम पर देश की एकता अखण्डता और समरसता को नष्ट करने पर तुली हुई है तब प्रेमचंद को याद और अधिक प्रासंगिक हो जाता है. इसकी एक […]

रंगमंच अपना मोर्चा .काँम के लिये .. रायपुर. भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) रायपुर द्वारा 22 जून शनिवार की शाम साढ़े सात बजे रंगमंदिर सभागार में नाटक ‘फांस’ का मंचन किया जाएगा. हिन्दी के सुप्रसिद्ध कथाकार व उपन्यासकार संजीव के मूल उपन्यास पर आधारित कृति का छत्तीसगढ़ी नाट्य रूपांतरण संजय […]

अपना मोर्चा के लिये राजकुमार सोनी छत्तीसगढ़ सिनेमा रायपुर. हर दुर्भाग्य खतरनाक ही होता है, इसलिए एक पाठक की हैसियत से आप कह सकते हैं कि इस खबर के शीर्षक में खतरनाक शब्द नहीं होता तो भी काम चल सकता था. छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुए 19 साल हो गए […]

राजकुमार सोनी अपना मोर्चाा .काम शीर्षक को देखकर आपका माथा घूम सकता है कि भला एक बंडल फिल्म सुपरहिट कैसे हो सकती है. पूरा विश्लेषण पढ़े और जाने….. रायपुर. सतीश जैन की नई फिल्म हंस झन पगली फंस जबे को देखते हुए आपको हिंदी की कई सुपरहिट फिल्मों की याद आती […]

राजकुमार सोनी की रिपोर्ट अपना मोर्चा . काम छत्तीसगढ़ी फिल्म के निर्माता- निर्देशक इसी महीने पांच जून को एक बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं. फिल्मकारों की मांग है कि जैसे महाराष्ट्र के मल्टीफ्लैक्स में मराठी सिनेमा का प्रदर्शन अनिवार्य है ठीक वैसे ही छत्तीसगढ़ के मल्टीफ्लैक्स में भी छत्तीसगढ़ी […]

गिरीश पंकज अपना मोर्चा . काम के लिये . बंदर जैसी गुलाटी मारने की कला कभी-कभी किसी अखबार विशेष से भी सीखी जा  सकती है। राजस्थान से निकलने वाले एक बड़े अखबार को हम ताज़ा उदाहरण के तौर पर देख सकते हैं। इसके मालिक एक तरफ नैतिकता की बड़ी-बड़ी बातें करते […]

अपना मोर्चा के लिये शिरीष खरे . शिरीष खरे कभी तहलका में मध्यप्रदेश के प्रभारी थे. तहलका के बाद उन्होंने राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी और तबादले में छत्तीसगढ़ आ गए. यहां आकर उन्होंने कई मसलों पर गंभीर रिपोर्टिंग की. विशेषकर आदिवासी मामलों पर उनकी कलम खूब चली. इन […]

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