|| महाकवि तुलसीदास की प्रेम कविता || : कुमार अंबुज : दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

8.03.2018   सात-अाठ साल पहले ‘वसुधा’ में एक कविता के साक्ष्‍य से स्‍तंभ में जब ज्ञानेन्‍द्रपति की कविता *’ट्राम में एक याद’* पर अपना पाठ लिख रहा था, तब मैंने अपनी पसंद की प्रेम कविताओं का जिक्र किया था। सुन्‍दरकाण्‍ड में विन्‍यस्‍त कुछ पंक्तियों के आधार पर निहित तुलसीदास की Continue Reading

जीतेंद्र रघुवंशी की तीसरी पुण्यतिथि पर इप्टा रायगढ ने उन्हें याद किया .

  7.03.2018 रायगढ आज इप्टा रायगढ ने साथी जीतेन्द्र रघुवंशी को उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर जीतेन्द्र की स्मृति स्वरूप प्रकाशित पुस्तक ” शब्द रहेंगे साक्षी ” में से कहानी और एक नाटक पढा . रणवीर सिंह और नूर ज़हीर ने उनके साथ के संसमरण भी सुनाये .

मूर्ति के विध्वंस पर : एकजुट नहीं हुए तो विध्वंस की ताकतें एक दिन इस सिकुड़ती जम्हूरियत, तुम्हारे जल-जमीन और आचार-विचार, सबकुछ खत्म कर देंगी! : -उर्मिलेश उर्मिल।

उर्मिलेश उर्मिल   त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद कुछ ‘पढ़े-लिखे लोगों’ को यह कहते सुना जा रहा है कि विदेशी मूल के किसी नेता या नायक की मूर्ति लगाने का यहां औचित्य ही क्या है? इस तरह का सवाल दो तरह के लोग उठा रहे हैं: Continue Reading

मूर्ति संवाद : लेनिन की मूर्ति तोडने पर असगर वजाहत की 10 लघुकथायें .

1. लेनिन की मूर्ति तोड़ी तो दी गई लेकिन फिर सवाल पैदा हुआ कि उसे कहां फेंका जाए।काफी बहस होती रही। हील – हुज्जत होती रही। जब कुछ तय न पा सका तो लेनिन की टूटी हुई मूर्ति ने कहा, मुझे वहीं फेंक दो जहां हज़ारों साल से टूटी हुई Continue Reading

लेनिनः ‘‘मजदूर वर्ग के महान नेता, शिक्षक और दोस्त : आज जब लेनिन की मूर्ति क़ो तोडा गया तो लगा कि लेनिन के बारे में विस्तार से जान ही लिया जाये .

https://m.facebook.com/100th-Year-Of-Socialist-Revolution-1231396200265892/?ref=bookmarks *त्रिपुरा में जीत के बाद बीजेपी समर्थकों ने लेनिन की मूर्ति को तोड़ दिया। वैसे लेनिन मूर्तियों के मोहताज भी नही। आज भी उनके विचार मेहनतकशों को मुक्ति का रास्ता दिखाते हैं। पर इस बहाने लेनिन का नाम पूरे देश में पहुंचा है। ऐसे मौके पर आइए जान लिया Continue Reading

लेनिन की मूर्ती तोड़ी फासिस्टों ने : बस यह बर्तोल्त ब्रेख्त की कविता पढ़ लीजिए.

त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़ देने की ख़बर है। उसी शख़्स की जिसको भगत सिंह अपने जीवन के आख़िरी क्षणों में पढ़ रहे थे। कुछ नहीं कहना। बस यह बर्तोल्त ब्रेख्त की कविता पढ़ लीजिए. ( कुमार श्याम )     पहली जंग के दौरान इटली की सानकार्लोर जेल Continue Reading

⭕ || सिनान अन्तून की 7 कविताएँ || अनुवाद : मनोज पटेल / दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा

⭕ जाने-माने इराकी कवि, उपन्यासकार और अनुवादक सिनान अन्तून का जन्म 1967 में बग़दाद में हुआ था. खाड़ी युद्ध के बाद उन्होंने इराक छोड़ दिया. अरबी भाषा में दो कविता-संग्रहों और दो उपन्यासों के अलावा उन्होंने अनुवाद का भी बहुत सा काम किया है. महमूद दरवेश की कविताओं का उनका सहअनुवाद 2004 Continue Reading

अठेने  तिकड़ी और गर्द ओ ग़ुबार के बीच से गुजरता बचपन : शब्द चित्र नवल शर्मा 

  5.03.2018 सीपत बिलासपुर  संदर्भ  चालीस साल पहले एक बस चला करती थी ; नाम था “लाला बस सर्विस ” , बिलासपुर से सीपत आते जाते लोगों का इकलौता परिवहन और उस का तीसरा स्टाप होता था – लिंगियाडीह । ऐय्याश ठाकुर की रखैलों की तरह लिंगियाडीह ने भी बिलासपुर Continue Reading

?? नक्सलबाड़ी के 50 वर्ष पर वीरा साथीदार का भाषण :  रिपब्लिकन पैंथर्स एवं वाम दलित कार्यकर्ता  और अभिनेता. :  लिपियांतर : आरती.

( ये भाषण  सितम्बर  2017 में हैदराबाद में विरसम के दो दिन के सेमिनार के अन्तिम खुले सत्र में हुआ था। सीमा.आज़ाद भी सेमिनार के एक सत्र में वक्ता थी। ये सेमिनार नक्सलबाड़ी के 50साल पूरे होने पर हुआ था।) प्रस्तुती : सीमा आज़ाद  5.03.2018 इंसान का इंसान के द्वारा Continue Reading

भाषा की समस्यायें और मेरी भाषा पर अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडल और छतीसगढ मराठी साहित्य परिषद का एक दिवसीय आयोजन 11 मार्च को बिलासपुर में आयोजन .

  4.03.2018 बिलासपुर  जनवाद लेखक संघ छतीसगढ के अध्यक्ष औऱ मराठी साहित्यकार कपूर वासनिक ने जानकारी दी हैं कि , समस्यायें और मेरी भाषा पर अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडल और छतीसगढ मराठी साहित्य परिषद का एक दिवसीय आयोजन 11 मार्च 2018 को बिलासपुर में आयोजित किया गया है . Continue Reading