बेगुनाह वासिफ हैदर को दैनिक जागरण ने बताया था आतंकी, वासिफ ने दर्ज कराया मानहानी का मुकदमा. अदालत ने किया था उन्हें बरी

nationalspeak.in/syed-wasif-haider-case-book-against-dainik-jagran/  नेशनल स्पीक ब्यूरो. April 10, 2018  वासिफ़ हैदर केस में सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी अखबार से कहा है – कि इस मामले में क़ानून का बड़ा सवाल है, इसलिए इस विषय पर  चर्चा  की आवश्यकता है। 3 अप्रैल, 2018 को, न्यायमूर्ति चालमेश्वर की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने वासिफ Continue Reading

कार्पोरेट मुनाफे के लिए बनाई गई हैं कामर्सियल कोल माइनिंग निति : राज्य सरकारों के नाम पर अदानी को सोंपी जा रही हैं छत्तीसगढ़ की बहुमूल्य खनिज संपदा . : छतीसगढ बचाओ आंदोलन.

 9.04.2018 रायपुर  छतीसगढ  बचाओ आन्दोलन के द्वारा “निजी व्यापार के लिए कोयला उत्खनन व उर्जा निति, दुष्प्रभाव व भविष्य की चुनौती’’ विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन वृन्दावन हॉल, रायपुर में आयोजित की गई l परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि Continue Reading

न्याय व हक के लिए तरसते गरीब आदिवासी व किसान, खरसिया में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन : 10 अप्रेल तक करें मांगे पूरी नहीं तो आंदोलन और अनशन की घोषणा .

 जावेद अख्तर, सलाम छत्तीसगढ़… रायगढ़ (06 अप्रैल 2018)।  रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा में व्याप्त विभिन्न जनहित की समस्याओं को लेकर 10 सूत्रीय मांग पत्र कलेक्टर रायगढ़ व अन्य को छत्तीसगढ़ मूलनिवासी संघर्ष समिति एवं सर्व आदिवासी समाज ने प्रस्तुत किया। ज्ञापन पर गौर करें तो एक बात साफतौर पर समझी जा Continue Reading

क्या मैं राजद्रोह की बातें कर रहा हूँ ? शायद हां . : महेंद्र सिंह – लेखक पुलिस अधिकारी है

अनुवाद  : हिमांशु कुमार  7.04.2018 *** माओवादीयों से नफरत करी जानी चाहिये क्योंकि वो लोगों की हत्या करते हैं. हम इस बात से 100% सहमत हो सकते हैं. हिंसा से और लोगों की हत्या से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि वे समस्याएं और भी बढ़ जायेंगी . लेकिन Continue Reading

एक वन कथा :  कुत्ते-बिल्ली क्यों इकट्ठे हो रहे हैं ? : रजनीश साहिल 

एक जंगल था. जैसा कि प्राचीन काल से जितने भी जंगल अब तक हुए हैं और उनमें होता रहा है वैसे ही इस जंगल में भी सालों से एक शेर का राज था और जैसा कि शेर करते रहे हैं वैसे ही ये शेर भी जानवरों को मारता ही था. Continue Reading

निरीह और निर्दोष के जातीय रिश्तों का कानूनी बीजगणित : कनक तिवारी

5.04.2018 रायपुर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार का अपराध करने का निवारण करने के लिए, ऐसे अपराधों का विचारण करने के लिए रचित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार) निवारण अधिनियम की समीक्षा करते हुए फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को दिया है। प्रतिक्रिया में Continue Reading

कांकेर : कुपोषण के शिकार आदिवासी : मैदान से अंकुर तिवारी की सघन रिपोर्ट.

  4.04.2018 कांकेर छतीसगढ  कांकेर जिला कुपोषण का गढ़ बनता जा रहा है। तमाम सरकारी योजनाओं के बाद भी दावों की हकीकत कागजों में दम तोड़ दे रही है। जिले के ग्रामीण अंचलों में ग्रामीण कुपोषण की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। जिले के कई इलाकों में ग्रामीणों के Continue Reading

निजी व्यापार हेतु कोयला खनन व उर्जा नीति, दुष्प्रभाव एवं भविष्य की चुनोतियाँ, एक दिवसीय परिचर्चा दिनांक 9 अप्रैल 2018, वृन्दावन हॉल, सिविल लाइन, रायपुर समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक : छतीसगढ बचाओ आंदोलन

3.04.2018 रायपुर  *** मोदी सरकार ने अपने चुनिन्दा कार्पोरेट घरानों के मुनाफे के लिए एवं सम्पूर्ण कोयला क्षेत्र को निजी हाथों में सोपने के उद्देश्य से व्यापार हेतु कोयला उत्खनन की अनुमति प्रदान की हैं l दिनांक 20 फरबरी 2018 को कामर्सियल कोल माइनिंग निति को घोषणा की गई जिसके Continue Reading

छतीसगढ में भारत बंद का भारी असर ,दलित संगठन उतरे सडकों पर .14 जिलों में रहा बन्द का प्रभाव . कहीं पूरा बंद तो कहीं प्रतिरोध पर्दर्शन : कहीं कोई हिंसा की खबर नहीं .

    2.04.2018 छतीसगढ के लगभग हर जिले मे दलित तथा उनके सहयोगी बंद समर्थक संगठन सुबह से ही सडक पर उतर गये थे .राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन मे सभी कम्युनिस्ट पार्टियां ,कांग्रेस , आम आदमी पार्टी ,बसपा , दलित आदिवासी संघठन ,पिछड़ा वर्ग संघठन ,मसीही समाज संघठन ,मुस्लिम ज़मात Continue Reading

वंचित वर्ग के आव्हान पर बन्द का असर पूरे भारत पर ,भाजपा को छोड़ लगभग सभी पार्टी आयीं बन्द के समर्थन में: बिहार ,पंजाब ,दिल्ली ,यूपी और गुजरात में व्यापक असर .

  2.04.2018  एट्रोसिटी एक्ट में निर्णायक बदलाव के खिलाफ भारत बंद का व्यापक असर दिखने लगा है ,अभी सुबह 10 बजे तक कि खबरों में बंद का सर्वाधिक प्रभाव बिहार के सभी जिलों में दिखाई दे रहा हैं .पंजाब के ज्यादातर जिलों में बंद का प्रभाव है ,पंजाब के मुख्यमंत्री Continue Reading