13.10.2018 रूचिर गर्ग एक अखबार में संपादक थे, लेकिन जब उनके कांग्रेस प्रवेश की खबरें चली और उन्होंने कांग्रेस प्रवेश कर लिया तब सबने यहीं लिखा कि पत्रकार रूचिर गर्ग… उनके नाम के आगे- पीछे यदा-कदा ही संपादक लिखा गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि छत्तीसगढ़ ही नहीं देशभर से लोगों […]

  12/10/18 तखतपुर  कौशल उन्नयन केन्द्र तखतपुर में डॉ, राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर गए गांधी शताब्दी समिति द्वारा गांधी और लोहिया के सिद्धांतों को एवम आज उनकी व्यवहारिकता पर संगोष्टि का आयोजन रखा गया . संगोष्टि के मूख्य रूप से वैश्विक देशज आर्थिक सामाजिक परिस्थितियां पर चर्चा […]

12.10.2018 बिलासपुर  ** संविधान सम्मान यात्रा राजनांदगांव ,भिलाई रायपुर होते हुये 15 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेगी . लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, विविधता, समता और न्याय की रक्षा के लिए नफरत, असमानता, हिंसा, और संसाधनों की लूट के खिलाफ आयोजित यह यात्रा जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय द्वारा दांडी, गुजरात से प्रारंभ हुई […]

  याकूब कुजूर की रिपोर्ट  12.10.2018, जशपुर  अम्बेरापरा-पाराघाटी में 9 अक्टूबर 2018 को करमा  नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन ग्राम समिति के द्वारा किया गया था। जिसमें सात ग्रामीण नृत्य दलों ने भाग लिया। दर्रापरा के नृत्य दल ने प्रथम पुरस्कार पर कब्जा किया और सोनाजोरी के नृत्य दल ने द्वितीय […]

* बादल सरोज #रेखा ● रेखा एक दृष्टि हैं । उन कैरियरिस्ट और चतुर बच्चों को दूर से ही भांप लेती है जो सारी उछलकूद और अपनी पारी खेलने के बाद जैसे ही खुद का नम्बर आता है वैसे ही बिसूरकर कहते है “नईं अब हम नईं खेलेंगे, मम्मी नाराज […]

10.10.2018 के पी भानुमति ने लिया था 1959 में चे का साक्षात्कार . यह साक्षात्कार आकाशवाणी से मुश्किल से दो मिनट के लिये प्रसारित हुआ ,उस समय की संयुक्त पार्टी के अखबार स्वाधीनता और कम्युनिस्ट पार्टी पर भी भानुमति की महत्वपूर्ण टिप्पणी . घनश्याम चौहान की फेसबुक वाल से  ” […]

तुम मुख से निकले हो , या फिर तुम होगे चित के पावन। तुम शाकाहार के झंडाबरदार भी हो सकते हो। अहिंसा तुम्हारे धर्म का मुख्य एजेंडा है। पंडित तो तुम पैदाइशी हो।  मैंने देख लिया है उन *तलवारों को जिसे तुमने अहिंसा के नाम पर सजा* रखा है। मैंने […]

9.10.2018 प्रस्तुति अनिल जनविजय  सागर सिद्द्की का जन्म अम्बाला में एक मज़दूर परिवार में हुआ था और जन्म के समय उन्हें मुहम्मद अख़्तर नाम दिया गया था। उनके पिता के एक मित्र थे हबीब हसन, जो शायर थे।। उन्होंने ही सागर सिद्द्की को अक्षर ज्ञान करवाया, उर्दू सिखाई और शायरी […]

  9 अक्टूबर 2018 प्रकृति ने जो सर्वोत्कृष्ट जैविक पदार्थ पैदा किया है वह है “मनुष्य का मस्तिष्क”जिसमें स्वयं प्रकृति की चेतना विद्यमान है, और इसी मनुष्य के साथ इतिहास शुरू होता है . फ्रेडरिक एंगेल्स (Dialectics of nature) लंदन की आम जनता के बारे में लिखते हुए कार्ल मार्क्स […]

अनुज श्रीवास्तव  तुम कभी तो बैठते होगे अकेले कभी तो विचार करते होगे अपने काम, अपनी जिम्मेदारियों पर एक पत्रकार होते हुए तुम सच से आंखे कैसे फेर लेते हो शीशे में अपना चहरा देखते हो तो  मुह से बाहर निकली, लार टपकाती ज़बान तुम्हारे इंसान होने पर सवाल तो […]

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