छत्तीसगढ़ : सीएसई रिपोर्ट: प्रदेश में एक साल में ही प्रदूषण से 29 हज़ार मौतें, धूल के कण भी 40-60 % तक उड़ रहे.

आम आदमी पत्रिका से सामार  राज्य में हवा में घुल रहे हानिकारक तत्व जानलेवा हो गए हैं। यह चौंकाने वाली बात सामने आई है सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट में। भारत पर्यावरण रिपोर्ट-2019 के मुताबिक छत्तीसगढ़ में एक साल में 29,841 मौतें हुईं हैं। इतना ही Continue Reading

किरंदूल : एन एम डी सी ने कहा कि स्वामित्व हमारे पास ही हैं ,नहीँ दिया गया किसी को .मालिक हम लेकिन खोदेंगे अदानी कंपनी .

किरन्‍दुल, जिला दंतेवाड़ा में 10 एमटीपीए क्षमता का  बैलाडीला लौह अयस्‍क निक्षेप-13 एक  संयुक्‍त उद्यम  कंपनी के अधीन विकसित की जा रही है जिसका नाम एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड(एनसीएल)  है। इस  जेवी कंपनी में एनएमडीसी की  शेयरधारिता   मात्र  51 प्रतिशत है । इसमें छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (राज्‍य सरकार का उपक्रम) की शेयरधारिता 49 प्रतिशत Continue Reading

पहाड़ बचाओ पर हुआ रायपुर में विमर्श .आदिवासियों के हित में बैलाडीला स्थित ‘नंदराज पहाड़’ को बचाए सरकार , पर्यावरण हित में पहाड़ नीति बनाना जरूरी. ,छत्तीसगढ़ पहाड़ बचाओ अभियान.

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में जिस बैलाडीला पहाड़ी में खनन करने की अनुमति एक निजी कंपनी अडानी को दी गई है वहाँ आदिवासियों के अराध्य नंदराज विराजते हैं. यह सिर्फ एक आस्थावान पहाड़ ही नहीं बल्कि इस पहाड़ी में दक्षिण बस्तर के आदिवासियों का जीवन बसा हुआ है. ऐसे में Continue Reading

बिलासपुर : जल संकट गहराया : मोहल्लों के 43 और टंकियों के 12 बोर सूखे पानी के लिये मचा हाहाकार . पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि, भड़के लोगों ने घेर लिया आयुक्त का दफ्तर.

पत्रिका बिलासपुर. बिलासपुर , लगातार गिर रहे जलस्तर ने शहरवासियों और निगम प्रशासन के लिए संकट खड़ा कर दिया है । हालात यह है कि गर्मी के चलते मोहल्लों में कराए गए 43 बोर सूख गए वहीं उच्चस्तरीय जलागारों के 12 बोर ठप पड़े हैं जिसके चलते शहर के पानी Continue Reading

एनएमडीसी फर्जी ग्राम सभा के विरोध में लामबंद हुए हजारों ग्रामीण आदिवासी किरंदूल . मंगल कुंजाम की रिपोर्ट .

किरंदुल– लोह नगरी किरंदुल में आज संयुक्त पंचायत संघर्ष समिति के बैनर तले दंतेवाड़ा जिले के चारों ब्लाक के हज़ारों ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के प्रशासनिक भवन के सन्मुख स्थित सीआईएसएफ चेक पोस्ट में जमा हो कर एनएमडीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया . Continue Reading

दंतेवाड़ा : 7 जून 13 नंबर खदान बिना ग्राम सभा के अनुमोदन के खिलाफ हजारों आदिवासी करेंगे प्रदर्शन . गांवों से रवाना हुये 25 हज़ार से अधिक लोग .

दंतेवाड़ा – बिना ग्रामसभा के अनुमति के 13 नंबर प्लांट को अडानी को देने की विरोध में कल से होगी अनिश्चित कालीन हड़ताल । हजारो के तादात में ग्रामीण होंगे शामिल । दंतेवाड़ा बीजापुर और सुकमा क्षेत्र के ग्रामीण 2 दिन पहले से ही हड़ताल में शामिल होने को निकले Continue Reading

मराठवाड़ा के परभणी ज़िला मुख्यालय से दूर के गांवों तक सूखे के हालात डरा देने वाले हैं…..

मयंक सक्सेना ,मराठवाड़ा से TruthNDareGroundReport के लिये मराठवाड़ा के परभणी ज़िला मुख्यालय से दूर के गांवों तक सूखे के हालात डरा देने वाले हैं… मराठवाड़ा के उस गांव में एक बूंद पानी नहीं है, किसान से मजदूर बन गये एक शख्स का 11 साल का बेटा आहात पठान, अपने वालिद Continue Reading

हसदेव को बचाने का संकल्प ,ग्रामीण शुरू करेंगे अनिष्चित कालीन धरना प्रदर्शन। सरगुजा के प्रत्येक गांव से मांगा जाएगा समर्थन.

परसा कोल ब्लॉक के लिए ग्रामसभा की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही एवं ग्रामसभा के फर्जी प्रस्ताव के आधार पर जारी वन स्वीकृति को रद्द किया जाए । रमन सरकार के समय ग्रामसभा का फर्जी प्रस्ताव तैयार करने वाले अधिकारियों व अडानी कंपनी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया Continue Reading

हसदेव अरण्य के जंगलों के विनाश के खिलाफ ग्रामीण एकजुट , पर्यावरण दिवस मनाकर जंगल – जमीन को बचाने का लिया संकल्प.

आज 5 जून 2019 को सरगुजा जिले के हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित परसा कोल ब्लॉक से प्रभावित गांव फतेहपुर में एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन कर जंगल जमीन और पर्यावरण के संरक्षण का संकल्प लिया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनपद सदस्य बालसाय कोर्राम ने कहा कि इस Continue Reading

विश्व पर्यावरण दिवस , आइए गांधी के 150वीं जयंती वर्ष पर देश को पानीदार बनाने संकल्प लें। सादगी पूर्ण परंतु गुणवत्ता से भरपूर जीवन जीने का संकल्प लें – नंद कुमार कश्यप.

आज विश्व पर्यावरण दिवस है देश में कुछ प्रमुख नदियां मरणासन्न अवस्था में हैं ।बहुत सी नदियों ( नर्मदा सोन आदि) के उद्गम जंगल काट डाले गए हैं इसलिए उनके उद्गम स्थल पर कृत्रिम ढांचा खड़ा कर बोर्ड लगाना पड़ा है कि यहां से नर्मदा नदी निकलती थी, गोदावरी सूख Continue Reading