इब्ने सफ़ी की जासूसी दुनिया : अनिल जनविजय .

(तस्वीर में अब्बास हुसैनी और इब्ने सफ़ी) किताबी पन्ना आज किसी ने मेरी पोस्ट पर इब्ने सफ़ी का नाम लिया । जी हाँ, वही इब्ने सफ़ी, जिनकी जासूसी दुनिया ने सन १९६०-७० के दशक में तहलका मचा रखा था । ढाई सौ से अधिक उपन्यास, एक से बढ़कर एक हैरतंगेज़ Continue Reading

विश्व पर्यावरण दिवस : सरकारों द्वारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की जगह मिथकीय भटकावों की ओर जाने से यह संकट गहराया है. : नंद कुमार कश्यप .

नंद कुमार कश्यप हम प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं, परंतु उसके साथ ही यह भी सच्चाई है कि उपभोक्ता वादी व्यवस्था के चलते हमारी ऊर्जा खपत बढ़ने से पृथ्वी गर्म हो रही है और धीरे धीरे यह संकट बढ़ता ही जा रहा है। आवश्यक जंगलों Continue Reading

तीन जून : विश्व साइकिल दिवस.

प्रोम्थियस प्रताप सिंह द्वारा प्रस्तुत जर्मन आविष्कारक कार्ल फॉन द्रायस ने करीब 200 साल पहले एक ऐसा दो पहिया बनाया था, जिसे आज की साइकिल का प्रोटोटाइप कहा जा सकता है। तब से लेकर अब तक उस खोज से दुनिया भर के लोगों की ज़िंदगी बदली है। पहले के समय Continue Reading

कविता संग्रह : आज का एकलव्य: मानवीयता का सहज सम्प्रेषण. अजय चंन्द्रवंशी .

कृति-आज का एकलव्य(कविता संग्रह) कवि- बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव प्रकाशक -ब्लू रोज़ समीक्षा : अजय चंन्द्रवंशी ,कवर्धा

सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका शुक्ला से संजीव ख़ुदशाह की बातचीत. Dmaindiaonline

इस रविवार पर्सनालिटी ऑफ द वीक इस खास कड़ी में हम पेश कर रहे हैं सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका शुक्ला से संजीव ख़ुदशाह की बातचीत।

अरपा को बहने दो .. पांच जून को सुबह सात बजे पहुचें अरपा व्यू पर.विभिन्न आयोजन.

अरपा को बहने दो ,आओ मिलकर नदी बचायें . बिलासपुर के रिवर व्यू पर पांच जून पर्यावरण दिवस के दिन मानवश्रंखला और अरपा के लि ये गायेंगे गीत , संगीत ,कविता , बनायेंगे रंगोली .. करेंगे नाटिका . निकालेंगे नदी से गाद , और जो भी आप करना चाहें .प्रगट Continue Reading

छत्तीसगढ़ी फिल्म के निर्माता- निर्देशक इसी महीने पांच जून को एक बड़ा आंदोलन की तैयारी में.

राजकुमार सोनी की रिपोर्ट अपना मोर्चा . काम छत्तीसगढ़ी फिल्म के निर्माता- निर्देशक इसी महीने पांच जून को एक बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं. फिल्मकारों की मांग है कि जैसे महाराष्ट्र के मल्टीफ्लैक्स में मराठी सिनेमा का प्रदर्शन अनिवार्य है ठीक वैसे ही छत्तीसगढ़ के मल्टीफ्लैक्स में भी छत्तीसगढ़ी Continue Reading

राजकपूर की याद आ रही है : आज निर्वाण दिवस .

द्वारका प्रसाद अग्रवाल सन १९५५ में प्रदर्शित फ़िल्म ‘श्री ४२०’ को मैंने आठ वर्ष की उम्र में देखा था. उस फ़िल्म में मनुष्य के छ्द्म सपनों का अभूतपूर्व चित्रण था. फिल्म समीक्षक Prahlad Agrawal लिखते हैं, ‘उन दिनों भारतवर्ष आजादी की ताज़ी सांस ले रहा था, भारतवासियों की उमंगें लहरा Continue Reading

लोकतंत्र पर प्रश्न चिन्ह : विवेकानंद माथने .

देशबंधु में 30.05.2019 को प्रकाशित लेख . 🔵🔴🌑 वैसे भी किसी भी व्यक्ति का मत अलग अलग विषयों पर अलग अलग होता है। उसे एक बटन दबाकर मशीन में कैद नही किया जा सकता और ना ही एक बार प्रतिनिधि चुनने के बाद पांच साल के लिये उसका मत निर्वाचित Continue Reading

जाति – व्यवस्था का चक्रव्यूह : लोक शाहिर संभाजी भगत

कल रात यानी कि 28 मई के समाचार के अनुसार डॉ . पायल की संस्थात्मक हत्या के संदर्भ में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में मुंबई पुलिस कामयाब हुई । पता चला है कि , बाकी दो फरार घोषित हुई आरोपियों ने गिरफ्तारी से पूर्व जमानत के लिए आवेदन किया Continue Reading