जब फासिस्ट मजबूत हो रहे थे.: बर्टोल्ट ब्रेख्त

प्रस्तुति सीमा आज़ाद जब फासिस्ट मजबूत हो रहे थे.: बर्टोल्ट ब्रेख्त जर्मनी में जब फासिस्ट मजबूत हो रहे थे और यहां तक कि मजदूर भी बड़ी तादाद में उनके साथ जा रहे थे हमने सोचा हमारे संघर्ष का तरीका गलत था और हमारी पूरी बर्लिन में लाल बर्लिन में नाजी Continue Reading

रामानुजगंज : ठेकेदार से आहत ग्रमीणों ने अपने ही तेंदूपत्तो में लगाई आग .

पत्रिका न्यूज नेटवर्क . रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत देवीगंज देवीगंज फड़ में 20 मई से तेंदूपत्ता खरीदी ठेकेदार द्वारा नहीं की जा रही थी । वहीं शनिवार की देर रात जब ठेकेदार ने फड़ में खराब पत्ती का हवाला देकर नहीं खरीदे जाने की बात कही । कथित रूप से Continue Reading

नहीं बदला बस्तर में कुछ भी .गिरफ्तारी , फर्जी मुठभेड़ ,वारंट की तामीली का खेल ,मारपीट और प्रताडऩा बदस्तूर जारी. पखांजूर से विशेष रिपोर्ट .

भूमकाल समाचार के लिये पखांजुर से राजेश हालदार की रिपोर्ट पखांजुर – छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में लिखा था कि जितने भी निर्दोष आदिवासी जेलों में बंद है उन्हें सरकार बनने के बाद जल्द से जल्द रिहा करने की दिशा में सकारात्मक Continue Reading

अख़बार की पलटीमार परंपरा . गिरीश पंकज

गिरीश पंकज अपना मोर्चा . काम के लिये . बंदर जैसी गुलाटी मारने की कला कभी-कभी किसी अखबार विशेष से भी सीखी जा  सकती है। राजस्थान से निकलने वाले एक बड़े अखबार को हम ताज़ा उदाहरण के तौर पर देख सकते हैं। इसके मालिक एक तरफ नैतिकता की बड़ी-बड़ी बातें करते Continue Reading

अखबारों में नमो चलेगा तो जनता की सुध कौन लेगा .

अपना मोर्चा के लिये शिरीष खरे . शिरीष खरे कभी तहलका में मध्यप्रदेश के प्रभारी थे. तहलका के बाद उन्होंने राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी और तबादले में छत्तीसगढ़ आ गए. यहां आकर उन्होंने कई मसलों पर गंभीर रिपोर्टिंग की. विशेषकर आदिवासी मामलों पर उनकी कलम खूब चली. इन Continue Reading

बिलासपुर : आमचुनाव के परिणाम न केवल शोकिंग है बल्कि आशंका के अनुसार भी .मिले, बैठे आत्मलोकन किया और सतत संघर्ष का संकल्प भी

बिलासपुर / यह आम चुनाव परिणाम न केवल शोकिग थे बल्कि हमारी कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठाते थे. पिछले पञ्च साल के जनविरोधी नीतियों के विरोध के बाबजूद हम आम जन तक क्यों नहीं पहुच पाए ,इन सब  चिन्ताओ के आत्मलोकन और कहाँ क्या कमी रह गई इन सब पर Continue Reading

हिरेली की मुठभेड़ फर्जी ,गुड्डी को दौड़ा दौड़ा कर मारा पुलिस ने.पुलिस ने जारी की दर्ज मामलों की सूची .

लिंंगाराम कोडोपी का फेसबुक नोट ग्राम हिरोली की यह घटना फर्जी हैं। गुड्डी नक्सली नहीं था और न ही नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था। पैसे व इनाम , प्रमोशन के लालच में पुलिस प्रशासन ने इस घटना को माओवादी मुठभेड़ बता रही हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुड्डी Continue Reading

रायगढ : गारे पेलमा में उत्खनन हेतु पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए 27 जून को लोक सुनवाई .

चुनाव सम्पन्न हुए और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खनिज संपदा को लूटने के लिए प्रक्रियाएँ भी शुरू हो गई। रायगढ़ के गारे पेलमा ii कोल ब्लॉक जिसका #mdo अडानी कंपनी को दिया गया में उत्खनन हेतु पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए 27 जून को लोक सुनवाई है। लगभग 24 मिलियन टन वार्षिक Continue Reading

अंबिकापुर जिले के कुसमी ब्लॉक के दूरस्थ माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के नहीं सुधरे हालात.: आजादी के 70 वर्ष . . फिर भी रोटी के लिए 25 किमी का पैदल मार्ग .

पत्रिका के लिये ,संजय तिवारी / जितेंद्र सिंह अंबिकापुर / कुसमी . आजादी के 70 साल से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद बलरामपुर – रामानुजगंज जिले के दूरस्थ माओवाद प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में आज भी कोई खास सुधार नहीं । आ पाया है । Continue Reading