इंद्रावती जलबंटवारा: समझौते का ज्यादातर पानी बरसात में.

बड़ा मुद्दा बनकर उभरा इंद्रावती का जल संकट,जोरा नाला पर स्ट्रक्चर बनने के बाद भी बस्तर की ओर नही आ रहा पानी . नई दुनिया राज्य ब्यूरो ,रायपुर इंद्रावती जल बंटवारे पर दोनों राज्यों के बीच 1975 और 1979 में समझौता हुआ था । इसमें कहा गया कि बस्तर को Continue Reading

रायगढ : टीआरएन ने राजस्व जमीन पर बना दिया हॉस्टल और वन विभाग की भूमि पर रास्ता.. वन विभाग के अधिकारी कह रहे बन्द कराया गया है रास्ता ,फिर भी यहाँ से किया जा रहा आवागमन .

रिपोर्ट पत्रिका रायगड . टीआरएन कंपनी की एक और मनमानी उजागर हुई है । मनमानी इस तरह की है कि टीआरएन ने राजस्व की जमीन पर हास्ट का निर्माण किया है , लेकिन इस हास्टल में आवागमन करने के लिए वन विभाग की जमीन पर रास्ता बनाया गया है एक Continue Reading

जंगल बचाने महिलाएं हुई सक्रिय अवैध कटाई रोकने दे रही हैं पहरा. जशपुरनगर : पर्यावरण मित्रमंडल की प्रभावशाली पहल .

पत्रिका जशपुरनगर जशपुरनगर . शहर के सबसे नजदीकी जंगल बेल पहाड़ को उजाड़ होने से बचाने के लिए तेतरटोली की माँहलाएं सक्रिय हो चुकी हैं । बीते 15 दिनों से महिलाएं जंगल बचाने के लिए अभियान चला रही है। महिलाओं की टोली हाथों में डंडा लेकर कभी भी जंगल पहुंच Continue Reading

किनारे बसे गांव के लोग इंद्रावती सूख गई तो हमारा जीवन ही खत्म हो जायेगा , दौरान 5 गांव के लोग अब तक कर चुके हैं आंदोलन को समर्थन .

जगदलपुर पत्रिका इंद्रावती बचाने के लिए निकाली जा रही पदयात्रा गुरुवार को उपनपाल से भालुगुड़ा और करणपुर पहुंची । कुल 6 किमी की पदयात्रा रही । इसमें सैकड़ों की संख्या में आंदोलन से जुड़े जगदलपुर शहर के लोग और नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण शामिल थे । इस दौरान Continue Reading

कविता : आदिवासी-वन निवासी, कब तक हाथी से मरते रहोगे? जब तक जल जंगल जमीन को अपने अधीन नहीं करोगे. याकूब कुजुर .

आदिवासी-वन निवासी जागो आदिवासी-वन निवासी, कब तक हाथी से मरते रहोगे? जब तक जल जंगल जमीन को अपने अधीन नहीं करोगे। आदिवासी-वन निवासी, कब तक हाथी से मरते रहोगे? जब तक पेसा, वन अधिकार कानूनों को नहीं अपनाओगे। आदिवासी-वन निवासी,कब तक हाथी से मरते रहोगे? जब तक अपने गॉव की Continue Reading

रायगढ ,सारंगढ : छत्तीसगढ़ राज्य में 18 साल बाद भी बदहाल है गोमर्डा अभ्यारण के किसान .

डॉ . संदीप उपाध्याय patrika . com के लिये .आभार सहित . रायगढ़ . सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत गोमर्डा अभ्यारण के घने जंगलों के बीच बसे 28 गांव के किसान नया राज्य बनने के बाद भी केन्द्र व राज्य सरकार के बेरुखी का दंश 18 साल से झेल रहे हैं । Continue Reading

टीआरएन के डैम से दर्जनों गांव की भूमि डूबी, भूखे मरने के कगार पर पहुंचे लोग. : टीआरएन पर आदिवासीयों की जमीन जबरन हथियाने का आरोप : रायगढ.

रायगढ़ . 10.05.2019 टीआरएन कंपनी द्वारा बनाया गया डैम आसपास के दर्जन भर किसानों के लिए बर्बादी का सबब बना हुआ है । डैम के पानी से दर्जन भर से अधिक उन किसानों की जमीन प्रभावित हुई है , जिसे अधिग्रहित नहीं किया गया है । ऐसे में किसानों को Continue Reading

इंद्रावती के लिए बढ़े आंदोलनकारियों के कदम नदी किनारे हर दिन चलकर पहुचेंगे चित्रकोट: पहले दिन उपनपाल पहुंची पदयात्रा , ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ने की कवायद.

जगदलपुर पत्रिका . बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती को बचाने के लिए जमीनी स्तर पर हो रहे आंदोलन ने गति पकड़ ली है। बुधवार को ओडिशा सीमा से लगे और इंद्रावती के किनारे बसे भेजापदर गांव से पदयात्रा का आगाज हुआ । इसमें सैकड़ों की तादात में जगदलपुरवासी शामिल हए । Continue Reading

क्या रायगढ़ प्रदूषण मुक्त जिला बन पाएगा?रायगढ़ का भविष्य संवरेगा ?-गणेश कछवाहा

रायगढ़ जिले के पाँच विधानसभा में पांचों विधायक कांग्रेसी हैं तथा राज्य मे पूर्ण बहुमत के साथ सरकार भी कांग्रेस की है। एक तो केबिनेट मंत्री भी हैं।ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अब रायगढ़ प्रदूषण मुक्त जिला बनेगा?क्या रायगढ़ का भविष्य संवरेगा?क्या रायगढ़ का समुचित विकास हो Continue Reading

बिना मुआवज़ा, बिना नोटिस, बिना ग्राम सभा अनुमति के दल्ली राजहरा रावघाट रेल परियोजना के तहत अधिग्रहण. अंतागढ ,कांकेर .

रावघाट रेल परियोजना के तहत आदिवासियों की ज़मीनों का जबरन अधिग्रहण कांकेर में वन अधिकार मान्यता कानून का लगातार उल्लंघन 7.05.2019 / अनुभव शौरी की रिपोर्ट . अंतागढ़ ब्लॉक के ग्राम पतकालबेड़ा में 17 आदिवासी परिवारों की 30 एकड़ भूमि, जिस पर उन्हें वन अधिकार मान्यता कानून के अंतर्गत व्यक्तिगत Continue Reading